मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026 के शुभारंभ अवसर पर भगवान सोमनाथ को नमन करते हुए कहा कि सोमनाथ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि “भगवान सोमनाथ के चरणों में मेरा कोटि-कोटि वंदन एवं अभिनंदन।”
‘सोमनाथ विकास और विरासत दोनों का प्रतीक’
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सोमनाथ का संबंध भारत के स्वाभिमान और विकास दोनों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में “विरासत से विकास” की यात्रा देशभर में आगे बढ़ रही है।
सनातन संस्कृति को बताया मानवता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति “जियो और जीने दो” के सिद्धांत पर आधारित है और पूरी मानवता को एक परिवार मानती है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम की भावना को आगे बढ़ाती है।
सोमनाथ मंदिर के इतिहास का किया उल्लेख
डॉ. यादव ने कहा कि भगवान सोमनाथ का मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर पर 17 बार आक्रमण हुए, लेकिन हजारों वर्षों बाद भी सोमनाथ का शिखर आज गर्व से आसमान छू रहा है।
उज्जैन का उदाहरण देकर बताया धार्मिक पर्यटन का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 से पहले उज्जैन में सालभर में 25 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे, जबकि अब प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल व्यवसाय, ऑटो चालकों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
‘तीर्थ यात्रा से मजबूत होती है राष्ट्रीय एकता’
सीएम ने कहा कि जब लोग देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर जाते हैं तो वे एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं। इससे आंतरिक एकता मजबूत होती है और यही आगे चलकर राष्ट्रीय एकात्मता का रूप लेती है।
यात्रियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।