कोलकाता: राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट चिकित्सक पद पर नियुक्ति को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है। यह नियम उन उम्मीदवारों पर लागू होगा जो चालू शैक्षणिक वर्ष में पोस्ट ग्रेजुएट (PG), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या पोस्ट-डॉक्टोरल (PD) कोर्स पूरा कर सीनियर रेजिडेंट पद के लिए आवेदन करेंगे।
3 साल तक देनी होगी अनिवार्य सेवा
नई गाइडलाइन के अनुसार, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और पोस्ट-डॉक्टोरल कोर्स पूरा करने वाले उम्मीदवारों को 3 वर्ष की अनिवार्य सेवा देनी होगी। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा धारकों के लिए यह अवधि 2 वर्ष तय की गई है। स्वीकृत अवकाश को बॉन्ड अवधि में शामिल किया जाएगा, लेकिन अतिरिक्त अनुपस्थिति को इसमें नहीं गिना जाएगा।
बॉन्ड पूरा होने पर ही मिलेंगे मूल दस्तावेज
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बॉन्ड की अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ही उम्मीदवारों को उनके मूल प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज वापस किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित प्राधिकरण से जारी बॉन्ड कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा।
राज्यभर के अस्पतालों में होगी नियुक्ति
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति जिला अस्पताल, महकमा अस्पताल, स्टेट जनरल अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ग्रामीण अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में आवश्यकता के अनुसार की जाएगी। प्रशासनिक जरूरत पड़ने पर किसी भी समय उनका स्थानांतरण या पुनर्नियोजन भी किया जा सकेगा।
मेरिट और रोस्टर के आधार पर होगी काउंसलिंग
उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन और जानकारी जमा करनी होगी। इसके बाद मेरिट सूची और 100-पॉइंट रोस्टर के आधार पर काउंसलिंग कर पदस्थापन किया जाएगा। SC, ST, OBC, EWS और PwBD वर्ग के लिए आरक्षण नियम लागू रहेंगे।
बॉन्ड तोड़ने पर भारी जुर्माना
यदि कोई उम्मीदवार बॉन्ड अवधि पूरी होने से पहले सेवा छोड़ना चाहता है, तो उसे निर्धारित जुर्माना देना होगा। बॉन्ड की शेष प्रत्येक पूर्ण वर्ष अवधि के लिए 10 लाख रुपये का पेनल अमाउंट देना पड़ेगा। समय पर राशि जमा नहीं करने पर सरकार कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।
छुट्टी और मातृत्व अवकाश की व्यवस्था
नई SOP के अनुसार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को वर्ष में अधिकतम 14 कार्यदिवस की कैजुअल लीव और 30 दिन की वार्षिक छुट्टी मिलेगी। महिला चिकित्सकों को दो बच्चों तक 180 दिनों का पूर्ण वेतन सहित मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी के लिए भी नियम तय
सीनियर रेजिडेंट रहते हुए यदि किसी उम्मीदवार का चयन WBHRB के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर, GDMO या स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर जैसे पदों पर होता है, तो वह नई जिम्मेदारी संभाल सकता है, लेकिन बॉन्ड की शर्तें लागू रहेंगी। वहीं DM, MCh, DrNB और FNB जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जुर्माना देना होगा या बाद में शेष बॉन्ड अवधि पूरी करने का लिखित आश्वासन देना होगा।
निजी प्रैक्टिस पर सख्त रोक
गाइडलाइन में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। चिकित्सकीय लापरवाही, गाफिलती या असदाचार साबित होने पर निलंबन अथवा सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही सीनियर रेजिडेंसी को पूरी तरह नॉन-प्रैक्टिसिंग घोषित किया गया है। निजी प्रैक्टिस करते पाए जाने पर पूरी बॉन्ड राशि जब्त की जा सकती है।