अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेखिका ई. जीन कैरोल को 5.6 मिलियन डॉलर (करीब 56 लाख अमेरिकी डॉलर) का हर्जाना अदा कर दिया है। कैरोल की ओर से उनकी वकील रोबर्टा कैपलान ने पुष्टि की कि अदालत द्वारा निर्धारित पूरी राशि उनकी मुवक्किल को प्राप्त हो चुकी है। यह भुगतान उस सिविल मामले से जुड़ा है, जिसमें न्यूयॉर्क की जूरी ने वर्ष 2023 में ट्रंप को यौन उत्पीड़न और मानहानि के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी माना था।
1996 की घटना से जुड़ा है पूरा विवाद
यह मामला वर्ष 1996 की एक कथित घटना से जुड़ा है। ई. जीन कैरोल का आरोप था कि न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर के ट्रायल रूम में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। कई वर्षों बाद कैरोल ने अपनी पुस्तक में इस घटना का उल्लेख किया। इसके बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को झूठा बताते हुए कैरोल को "सनकी" करार दिया और दावा किया कि उन्होंने यह कहानी गढ़ी है। इन्हीं बयानों के आधार पर कैरोल ने मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपील सुनने से किया इनकार
जून 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ट्रंप की अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही 2023 में न्यूयॉर्क की सिविल जूरी द्वारा दिया गया फैसला प्रभावी रूप से अंतिम हो गया। अदालत के आदेश के बाद ट्रंप को निर्धारित हर्जाना राशि का भुगतान करना पड़ा। यह मामला आपराधिक नहीं, बल्कि सिविल मुकदमे के रूप में चलाया गया था, जिसमें आर्थिक क्षतिपूर्ति का आदेश दिया गया था।
एक और मानहानि मामले में भी ट्रंप पर बड़ा आर्थिक दायित्व
डोनाल्ड ट्रंप की कानूनी चुनौतियां केवल इसी मामले तक सीमित नहीं हैं। ई. जीन कैरोल से जुड़े एक अन्य मानहानि मामले में अदालत पहले ही उन्हें 83.3 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दे चुकी है। इस फैसले को अपीलीय अदालत ने भी बरकरार रखा है। हालांकि उस राशि के भुगतान पर फिलहाल अस्थायी रोक लागू है और उससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बनी हुई है नजर
यह मामला अमेरिका में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और इसे न्यायिक प्रक्रिया तथा सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं, जबकि अदालत के फैसलों ने उन्हें सिविल मामलों में आर्थिक हर्जाना देने के लिए उत्तरदायी ठहराया है। आने वाले समय में इस प्रकरण से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर भी अमेरिकी न्यायपालिका और राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।