अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार रात एक इंटरव्यू के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ जमीनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रहा है। ट्रंप का आरोप है कि मेक्सिको में ड्रग तस्करों का गहरा प्रभाव है और इसी कारण हर साल अमेरिका में लगभग तीन लाख लोगों की मौत ड्रग्स के सेवन से हो रही है। उनके इस बयान ने अमेरिका–मेक्सिको संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
समुद्री मार्गों पर सफलता का दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने समुद्री रास्तों से होने वाली ड्रग तस्करी पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है। उनके अनुसार समुद्री मार्गों से आने वाली लगभग 97 प्रतिशत ड्रग्स को रोका जा चुका है। इसी के चलते अब प्रशासन का फोकस जमीनी रास्तों पर हो रही ड्रग तस्करी पर है। ट्रंप ने कहा कि ड्रग कार्टेल्स मेक्सिको की शासन व्यवस्था पर हावी हैं, जो न केवल अमेरिका बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
वेनेजुएला को लेकर गंभीर आरोप
अपने बयान में ट्रंप ने वेनेजुएला का भी जिक्र किया और वहां की पूर्व सरकार पर ड्रग कार्टेल्स को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिका तक ड्रग्स पहुंचाने का एक प्रमुख केंद्र रहा है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला में ऑपरेशन कर पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाया जा रहा है।
मेक्सिको की ओर से जवाबी प्रयास
मेक्सिको सरकार ने ट्रंप प्रशासन को यह दिखाने की कोशिश की है कि देश में अपराध के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार मेक्सिको में हत्याओं की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद ट्रंप की ओर से जमीनी कार्रवाई की चेतावनी यह संकेत देती है कि अमेरिका मेक्सिको के प्रयासों से संतुष्ट नहीं है।
राष्ट्रपति शीनबॉम का कड़ा रुख
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेक्सिको किसी भी तरह की विदेशी सैन्य कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा। शीनबॉम ने कहा कि सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग संभव है, लेकिन वह तभी होगा जब मेक्सिको की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान किया जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है, लेकिन यह सहयोग बराबरी और आपसी सम्मान के आधार पर होना चाहिए।
आगे बढ़ता तनाव और कूटनीतिक चुनौती
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और मेक्सिको के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि यह मुद्दा सैन्य स्तर तक जाता है, तो इसके दूरगामी राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव हो सकते हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच इस मसले पर बातचीत और प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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