असम में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार की चर्चित ओरुनोदोई योजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। मंगलवार (10 मार्च) सुबह से ही राज्य की लगभग 40 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹9000 की राशि ट्रांसफर कर दी गई। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी गई है और इसे एक ही दिन में किए गए सबसे बड़े सरकारी ट्रांसफर में से एक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, इस योजना के तहत करीब ₹3600 करोड़ से अधिक की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी गई है। चुनावी साल में यह कदम महिलाओं को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है ओरुनोदोई योजना?
ओरुनोदोई योजना असम सरकार की प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसका मकसद गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर महिला मुखिया वाले परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता देना है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1250 की आर्थिक मदद दी जाती है, ताकि वे राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी घरेलू खर्चों को आसानी से पूरा कर सकें। सरकार का दावा है कि इस योजना से हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली है।
एक साथ ₹9000 क्यों दिए गए?
इस बार राज्य सरकार ने चार महीनों की सहायता राशि एक साथ जारी करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही असमिया नववर्ष और बोहाग बिहू के अवसर पर अतिरिक्त राशि भी जोड़ी गई। इसी वजह से हर लाभार्थी महिला के खाते में ₹9000 की एकमुश्त रकम भेजी गई।
सरकार के अनुसार, पूरा भुगतान DBT प्रणाली के जरिए किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण असम के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता के क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है।
सरकार के मुताबिक महिलाओं के लिए राज्य में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनमें
- 59 लाख से अधिक घरों में नल से जल कनेक्शन
- 51 लाख से ज्यादा उज्ज्वला गैस कनेक्शन
- 5.5 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’
- 900 से ज्यादा महिला स्टार्टअप
- इसके अलावा 56 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
योजना का लाभ कैसे मिलता है?
ओरुनोदोई योजना के तहत मिलने वाली राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस प्रक्रिया में किसी बिचौलिये की भूमिका नहीं होती, जिससे भुगतान प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रहती है। सरकार द्वारा चयनित पात्र परिवारों की सूची के आधार पर नियमित रूप से भुगतान किया जाता है।
चुनावी साल में योजना का महत्व
असम में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस योजना को काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है और महिला वोट बैंक को मजबूत करने के लिए ओरुनोदोई योजना को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सही वोट हर घर की आवाज बदल सकता है, और उनकी सरकार आगे भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
Comments (0)