मध्यप्रदेश के सभी पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में अब सुबह की शुरुआत दक्षिणामूर्ति स्तोत्र से होगी। पुलिस मुख्यालय ने पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम पर प्रतिदिन स्तोत्र प्रसारण के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे आरक्षकों में संवेदनशीलता, दया और मानसिक संतुलन विकसित होगा।
क्यों लिया गया फैसला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दक्षिणामूर्ति स्तोत्र भगवान शिव को ज्ञान, ध्यान और विवेक का प्रतीक मानता है। प्रशिक्षण के दौरान इसका श्रवण ट्रेनी और ट्रेनर दोनों के लिए मानसिक शांति का माध्यम बनेगा।
पहले से लागू धार्मिक अध्ययन
इससे पहले एडीजी प्रशिक्षण द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन और रामचरितमानस पाठ के निर्देश दिए जा चुके हैं, जिनका पालन सभी ट्रेनिंग स्कूलों में किया जा रहा है।
Comments (0)