नई दिल्ली: फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट FIFA वर्ल्ड कप 2026 इस बार एक नए फॉर्मेट और नई मेजबानी के साथ खेला जाएगा। पहली बार यह महाकुंभ तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको—में आयोजित होगा। 12 जून से 20 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मुकाबले खेले जाएंगे। यह वर्ल्ड कप अब तक का सबसे बड़ा संस्करण माना जा रहा है, जिसमें कई ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेंगे।
तीन देशों में पहली बार होगा वर्ल्ड कप का आयोजन
FIFA के 96 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब वर्ल्ड कप की मेजबानी तीन देश मिलकर करेंगे। ओपनिंग मैच 12 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा, जहां मेक्सिको और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। अमेरिका और कनाडा के 16 अलग-अलग शहरों में भी मैच आयोजित किए जाएंगे। इस मेगा इवेंट में दुनिया भर के 1,248 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे बड़े नाम भी शामिल होंगे।
48 टीमों के साथ बदला वर्ल्ड कप का पूरा फॉर्मेट
इस बार वर्ल्ड कप में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 कर दी गई है। सभी टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है, जहां हर ग्रुप में 4-4 टीमें होंगी। ग्रुप स्टेज के बाद 32 टीमें नॉकआउट राउंड में पहुंचेंगी, जो इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खासियत है। हर टीम अपने ग्रुप में कम से कम तीन मैच खेलेगी, जिससे दर्शकों को ज्यादा रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
नॉकआउट राउंड में बड़ा बदलाव, 32 टीमें करेंगी क्वालीफाई
नए फॉर्मेट के अनुसार ग्रुप स्टेज से 24 टीमें सीधे आगे बढ़ेंगी, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेस्ट 8 को भी नॉकआउट में जगह मिलेगी। इसके बाद 32 टीमों के बीच एलिमिनेशन मुकाबले होंगे, फिर 16, 8, सेमीफाइनल और फाइनल तक का सफर तय होगा। कुल मिलाकर इस बार टूर्नामेंट में 104 मैच खेले जाएंगे, जो FIFA इतिहास में सबसे ज्यादा हैं।
फ्रांस, स्पेन और जर्मनी के लिए चुनौतीपूर्ण ग्रुप
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ग्रुप J में है, जबकि स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, पुर्तगाल और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमें अलग-अलग ग्रुप्स में रखी गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्रुप H, I, J, K और L को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जा रहा है, जहां कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। इन ग्रुप्स में उरुग्वे, सेनेगल और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमें भी शामिल हैं।
नई प्रतिभाओं और रिकॉर्ड्स का बनेगा इतिहास
इस वर्ल्ड कप में उम्र के लिहाज से भी बड़ा अंतर देखने को मिलेगा। स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होंगे, जबकि मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं। इस बार 20 साल से कम उम्र के 22 खिलाड़ी और 40 साल से अधिक उम्र के 7 खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे।
पहली बार 4 देशों की टीमों की एंट्री, कई नए रिकॉर्ड
इस वर्ल्ड कप में काबो वर्डे, क्यूरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार क्वालीफाई कर चुके हैं। वहीं हैती 1974 के बाद वापसी कर रहा है। यह टूर्नामेंट कई नई कहानियों और रिकॉर्ड्स का गवाह बनने जा रहा है।
विजेता टीम को मिलेगा रिकॉर्ड इनाम
FIFA ने इस बार प्राइज मनी भी बढ़ा दी है। कुल पुरस्कार राशि 5,600 करोड़ रुपये से अधिक होगी। विजेता टीम को करीब 429 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि उपविजेता को 283 करोड़ रुपये और तीसरे स्थान की टीम को 249 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।