कोलकाता डेस्क: फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के साथ ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी मौजूद थे। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। इसी दौरान को-पायलट अपनी सीट से उठे और प्रार्थना करने की बात कही। स्मित ने इसे सामान्य मानते हुए सम्मान के चलते पीछे मुड़कर नहीं देखा।
कुछ ही मिनट में हुआ जोरदार हमला
स्मित के मुताबिक, को-पायलट के उठने के कुछ देर बाद उन्हें जोरदार हमला महसूस हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई तकनीकी समस्या पैदा हुई है। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आया कि को-पायलट ने ही उन पर हमला किया है। इस हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
विमान का रुख बदलने की कोशिश का आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को सऊदी अरब की दिशा में मोड़ने की कोशिश की। खतरा भांपकर स्मित ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कॉकपिट में मौजूद धारदार उपकरण से उन पर हमला किया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
हमले में बुरी तरह घायल होने के बावजूद स्मित ने हार नहीं मानी। उन्हें पता था कि कॉकपिट का दरवाजा बंद रहने पर बाहर मौजूद यात्री अंदर नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और को-पायलट को काबू में करने में कामयाब रहे।
यात्रियों ने संभाला मोर्चा, डॉक्टर ने बचाई जान
कॉकपिट में पहुंचने वाले यात्रियों में एक डॉक्टर भी थे। उन्होंने स्मित की हालत देखकर तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। बताया गया कि उनके सिर और हाथ से काफी खून बह रहा था। यात्रियों ने मिलकर हमलावर को पकड़कर बांध दिया, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आने लगा विमान
घटना के दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, संघर्ष के बीच ऑटोपायलट मोड बंद हो गया और विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आने लगा। स्मित ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपातकालीन संकेत भेजे और ‘Mayday’ कॉल भी की।
यात्रियों में मची चीख-पुकार
कॉकपिट के अंदर का मंजर बेहद भयावह था। यात्रियों के मुताबिक, कुछ लोग डर के मारे रोने लगे तो कई लोग प्रार्थना करने लगे। इसी बीच यात्रियों ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि विमान में कोई अन्य पायलट मौजूद है या नहीं। बाद में विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान की कमान संभाली।
ताबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति को देखते हुए विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर आपातकालीन रूप से उतारा गया। इसके बाद स्मित और हमलावर को अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटों के कारण स्मित को आगे इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
जांच में जुटी एजेंसियां, हमले की वजह अभी साफ नहीं
घटना के बाद हमाम अल-हमामी को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की वजह, विमान का कथित रुख बदलने की कोशिश और कॉकपिट में हथियार पहुंचने से जुड़े सवालों की जांच कर रही हैं। कुछ रिपोर्टों में संभावित उग्रवादी कनेक्शन की आशंका भी सामने आई है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
स्मित की हिम्मत की हो रही तारीफ
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कैप्टन स्मित की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की थी।