नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्री क्षेत्र में हुए ताजा हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओमान के समुद्री क्षेत्र के निकट दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया गया। मोंबासा और अल बहिया नामक टैंकरों को कथित तौर पर दो क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जिससे दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए।इधर, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और होर्मुज स्ट्रेट में नागरिक एवं व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी फिर शुरू करने की तैयारी
CENTCOM ने बताया कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की समुद्री निगरानी और नाकेबंदी की कार्रवाई दोबारा शुरू करेगी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जो अंतरराष्ट्रीय जहाज निर्धारित नियमों का पालन करेंगे, उन्हें क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवागमन की अनुमति मिलती रहेगी।
ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसके बदले इस मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक कार्गो जहाज पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। साथ ही ईरानी जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों पर नए प्रतिबंध लागू करने की भी घोषणा की गई है।
ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर भी कार्रवाई
CENTCOM के अनुसार, बंदर अब्बास स्थित ईरानी नौसैनिक अड्डे और पनडुब्बी रखरखाव सुविधा को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की नौसैनिक क्षमता को कमजोर करना था।
ईरान का जवाब- होर्मुज पर नियंत्रण नहीं छोड़ेंगे
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कहा है कि देश होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा और किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।