नई दिल्ली - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक बार फिर अपना पुराना दावा दोहराया है। ट्रंप ने कहा कि वह उस चुनाव में जो बाइडन के खिलाफ विजयी रहे थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में गैर-अमेरिकी नागरिकों ने कथित तौर पर अवैध तरीके से मतदान किया था। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में 2020 के चुनाव को लेकर बहस तेज हो गई है।
Truth Social पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में 2020 के मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता से जुड़े आंकड़ों की जांच का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी जनगणना ब्यूरो की ओर से मतदाता रिकॉर्ड का नागरिकता संबंधी जानकारी से मिलान किया जा रहा है। ट्रंप के मुताबिक, शुरुआती करीब 12.8 करोड़ मतदाता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से अधिक ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिन्हें उन्होंने गैर-नागरिक बताते हुए कथित अवैध मतदाता करार दिया। हालांकि, इन दावों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित किए जाने की स्थिति और जांच की आधिकारिक पद्धति को लेकर स्पष्ट जानकारी जरूरी है। इसलिए ट्रंप के सोशल मीडिया दावे को स्थापित तथ्य के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
3.2 करोड़ और रिकॉर्ड की जांच का दावा
ट्रंप ने कहा कि मतदाता रिकॉर्ड की जांच आगे भी जारी रहेगी। उनके अनुसार करीब 3.2 करोड़ अतिरिक्त रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाना बाकी है। उन्होंने अनुमान जताया कि आगे चलकर कथित गैर-नागरिक मतदाताओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए ट्रंप ने SAVE America Act को पारित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह प्रस्तावित कानून मतदाता पंजीकरण के दौरान नागरिकता से जुड़े प्रमाण और सत्यापन संबंधी नियमों को मजबूतकरने की दिशा में है।
2020 के चुनाव पर पहले भी सवाल उठाते रहे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते रहे हैं। उस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने ट्रंप को हराया था और जनवरी 2021 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। चुनाव के बाद ट्रंप और उनके समर्थकों की ओर से चुनाव में गड़बड़ी और धोखाधड़ी के कई आरोप लगाए गए। हालांकि, चुनाव के बाद विभिन्न अदालतों, अधिकारियों और चुनाव से जुड़े संस्थानों की जांच में बड़े पैमाने पर ऐसी धोखाधड़ी के दावों को साबित करने वाले पर्याप्त सबूत सामने नहीं आए।
अमेरिकी राजनीति में फिर गरमाया चुनावी मुद्दा
ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में मतदाता पहचान, नागरिकता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। ट्रंप समर्थक पक्ष चुनावी व्यवस्था में कड़े सत्यापन की मांग करता रहा है, जबकि विरोधी पक्ष का तर्क है कि ऐसे कदमों से वैध मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, ट्रंप के ताजा दावे ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव और मतदाता सत्यापन को एक बार फिर अमेरिकी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।