भोपाल: मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन और सहकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में वरिष्ठ विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में सहकारिता के क्षेत्र को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में अमित शाह की मौजूदगी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।
सहकारिता के क्षेत्र में बदली दिशा
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है और इसी क्रम में अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के जरिए दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों और गौपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा दूध कलेक्शन
उन्होंने बताया कि सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध के कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में दूध का कलेक्शन करीब 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इससे दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पादन का बेहतर बाजार और आय का अवसर मिल रहा है।
गौपालकों को दूध पर 8.50 रुपये अधिक दाम
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के गौपालकों को अब दूध के लिए पहले की तुलना में 8.50 रुपये प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। उनका कहना है कि दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
दूध के साथ गोबर से भी आय बढ़ाने पर जोर
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दूध उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि पशुपालन से जुड़ी पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद तैयार हो और सरकार के सहयोग से गौपालकों एवं किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध कलेक्शन का संकल्प
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश में दूध के कलेक्शन को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने, दूध उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
दूध आधारित अर्थव्यवस्था से रोजगार के अवसर
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इसी लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।SEO Package