आज की अनियमित और अस्वस्थ जीवनशैली में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है। गलत खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ता मानसिक तनाव धीरे-धीरे शरीर का संतुलन बिगाड़ देते हैं। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल की नसों में जमा होकर ब्लॉकेज पैदा कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की मुख्य वजहों में अत्यधिक तला-भुना, जंक फूड, घी-मक्खन और प्रोसेस्ड फूड का सेवन शामिल है।
बिना दवाइयों के भी मिल सकती है राहत
अच्छी बात यह है कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए हमेशा महंगी दवाओं पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होता। हमारी रसोई और रोजमर्रा की आदतों में ही इसके कई देसी और असरदार उपाय मौजूद हैं। आइए जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण क्या हैं और इससे राहत पाने के लिए कौन-से घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय कारगर हो सकते हैं।
क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल?
कोलेस्ट्रॉल को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। जब लीवर सही तरीके से काम नहीं करता, थायरॉयड की सक्रियता कम हो जाती है या स्टेरॉइड दवाओं का अधिक सेवन होता है, तब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में कफ और विष का असंतुलन बढ़ जाता है, तब भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या उत्पन्न होती है। कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है—
- HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल)
- LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल)
इनके संतुलन के लिए घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय
- कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए आधा चम्मच अदरक का रस, आधा चम्मच नींबू का रस और एक कली लहसुन मिलाकर भोजन से पहले सेवन करें।
- इसके अलावा दिन में 2–3 बार त्रिकटु चूर्ण और शहद का सेवन भी लाभकारी होता है। यह शरीर से विष को बाहर निकालने और कफ को संतुलित करने में मदद करता है।
औषधीय उपाय भी हैं प्रभावी
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आयुर्वेदिक औषधीय उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। इसके लिए तीन भाग कुटकी, तीन भाग चित्रक और एक-चौथाई भाग शिलाजीत को मिलाकर गर्म पानी के साथ दिन में दो बार लें।
अर्जुन की छाल का काढ़ा देगा विशेष लाभ
- कोलेस्ट्रॉल घटाने का सबसे प्रभावी उपाय अर्जुन की छाल का काढ़ा माना जाता है। यह न केवल कोलेस्ट्रॉल कम करता है, बल्कि दिल और धमनियों को भी मजबूत बनाता है।
- काढ़ा बनाने के लिए 2 कप पानी में 1 चम्मच अर्जुन की छाल डालकर उबालें। जब पानी 1 कप रह जाए, तो छानकर गुनगुना अवस्था में पिएं।
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