उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रांत में आयोजित 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो' के दौरान राज्य के भविष्य की ऊर्जा और तकनीक को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और यामानाशी प्रशासन के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
यूपी अब सक्रिय नीतियों वाला राज्य बन चुका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब “रिएक्टिव” (प्रतिक्रियाशील) नहीं, बल्कि “प्रोएक्टिव” (सक्रिय) नीतियों वाला राज्य बन चुका है, जो वैश्विक निवेशकों के लिए अवसरों के लाल कालीन बिछा रहा है।
तकनीकी क्रांति और युवाओं का कौशल विकास
योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि इस साझेदारी के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार किया जाएगा।
रोबोटिक्स और भविष्य की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने भविष्य की अर्थव्यवस्था में रोबोटिक्स पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में ‘रोबोटिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने का प्रावधान किया है। जापानी तकनीक और प्रदेश के विशाल मानव संसाधन का यह संगम न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि भारत-जापान के द्विपक्षीय संबंधों को भी सशक्त करेगा।
प्रोएक्टिव गवर्नेंस: विकास का नया मॉडल
रोड शो के दौरान सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब शासन की कार्यशैली भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से तैयार रहने वाली बन गई है। 25 करोड़ की आबादी और देश की सबसे उर्वर भूमि के साथ उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है।
यामानाशी के साथ प्रगाढ़ होते संबंध
इस यात्रा के दौरान यामानाशी के राज्यपाल कोटारो नागासाकी और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के बीच गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2024 में राज्यपाल की उत्तर प्रदेश यात्रा को याद करते हुए कहा कि निरंतर संवाद और फॉलो-अप का ही परिणाम है कि आज यह सहयोग धरातल पर उतरा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', और जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक भी मौजूद रहीं।
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