भोपाल में अगर आप पालतू कुत्ता (Pet Dog) रखने की सोच रहे हैं या पहले से डॉग पाल रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राजधानी में पालतू और आवारा कुत्तों को लेकर बढ़ते विवादों के बीच नगर निगम और पुलिस प्रशासन अब नियमों के पालन को लेकर सख्त नजर आ रहे हैं। ऐसे में यदि आपने अपने पालतू कुत्ते का समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया या सार्वजनिक स्थानों पर तय नियमों का पालन नहीं किया, तो भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, यदि लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है, तो संबंधित कानूनों के तहत पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है। बीते कुछ महीनों में भोपाल के अलग-अलग इलाकों से डॉग फीडिंग, आवारा कुत्तों और पालतू कुत्तों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। कुछ मामलों में बात मारपीट से लेकर जानलेवा हमले तक पहुंच गई। ऐसे मामलों के बाद प्रशासन लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।
भोपाल में पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी?
नगर पालिका नियम 2023 के तहत शहरी क्षेत्रों में पालतू जानवरों का पंजीकरण अनिवार्य है। किसी भी व्यक्ति को पालतू जानवर घर लाने के 7 दिनों के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन कराना होता है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि राजधानी भोपाल में अब तक केवल 256 कुत्तों और 63 बिल्लियों का ही पंजीकरण हुआ है, जबकि शहर में पालतू जानवरों की वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक मानी जाती है।
पालतू कुत्ता रखने वालों के लिए क्या हैं जरूरी नियम?
यदि आपके घर में कुत्ता है, तो इन नियमों का पालन करना जरूरी है-
सार्वजनिक स्थान पर कुत्ते को हमेशा पट्टे (Leash) या जंजीर से बांधकर रखें।
आवश्यकता होने पर मज़ल (Muzzle) या सुरक्षित तरीके से उसका मुंह बांधें, ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।
पालतू जानवर की वजह से किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा नहीं होना चाहिए।
यदि आपका पालतू कुत्ता किसी पर हमला करता है या लोगों के लिए खतरा बनता है, तो उसकी शिकायत पुलिस और नगर निगम में की जा सकती है।
समय पर रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो कितना लगेगा जुर्माना?
नगर पालिका नियमों के अनुसार, तय समय सीमा में पंजीकरण नहीं कराने पर निर्धारित शुल्क का 10 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।
भोपाल में पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन शुल्क
| पशु | वार्षिक पंजीकरण शुल्क | नवीनीकरण शुल्क |
|---|---|---|
| कुत्ता | ₹150 | ₹50 |
| गाय/बैल | ₹200 | ₹100 |
| अन्य पालतू पशु | ₹50 | ₹50 |
डॉग विवादों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
भोपाल में हाल के दिनों में कुत्तों को लेकर कई विवाद सुर्खियों में रहे हैं।
केस-1: आवारा कुत्तों को लेकर विवाद, महिलाओं पर तलवार से हमला
19 फरवरी 2026 को अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की श्रवण कांता कॉलोनी में आवारा कुत्तों की शिकायत को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने दो महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया। इस घटना में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
केस-2: डॉग फीडिंग को लेकर सोसायटी में विवाद
एक निजी आवासीय सोसायटी में कुछ लोग नियमित रूप से आवारा कुत्तों को खाना खिलाते थे। इससे इलाके में कुत्तों की संख्या बढ़ने लगी और अन्य रहवासियों ने विरोध किया। मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी गई और नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि कुत्तों को लेकर बढ़ रहे विवाद केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़े हैं। उनके अनुसार, यदि पालतू जानवरों के मालिक नियमों का पालन करें और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें, तो ऐसे विवादों से आसानी से बचा जा सकता है। शिकायत मिलने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करती है।
पालतू कुत्ता पालने वालों के लिए जरूरी बातें
घर लाने के 7 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराएं।
सार्वजनिक स्थान पर हमेशा लीश का इस्तेमाल करें।
कुत्ते को खुले में बिना नियंत्रण के न छोड़ें।
समय-समय पर रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराएं।
पड़ोसियों और आम लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
FAQ
Q1. क्या भोपाल में पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
उत्तर: हां, नगर पालिका नियम 2023 के तहत पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
Q2. रजिस्ट्रेशन कितने दिनों के भीतर कराना होता है?
उत्तर: पालतू जानवर घर लाने के 7 दिनों के भीतर।
Q3. कुत्ते का रजिस्ट्रेशन शुल्क कितना है?
उत्तर: ₹150 वार्षिक शुल्क और ₹50 नवीनीकरण शुल्क।
Q4. रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर क्या होगा?
उत्तर: निर्धारित शुल्क का 10 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि पालतू जानवर की लापरवाही से कोई गंभीर घटना होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है।