नई दिल्ली. देश के अधिकांश हिस्सों में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच भारतीय मौसम विभाग ने व्यापक वर्षा गतिविधियों का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों के भीतर उत्तर, मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार वर्षा का संयुक्त प्रभाव कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार बढ़ रही नमी तथा सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण मानसून को नई गति मिली है, जिसका असर आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक रूप से दिखाई देगा। हालांकि यह बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आएगी, वहीं तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं के कारण लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता भी रहेगी।
अगले 10 घंटे रहेंगे बेहद महत्वपूर्ण, तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना
भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 10 घंटे मौसम की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान कई राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा अनेक स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वायुमंडल में नमी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण गरज वाले बादलों का तेजी से विकास हो रहा है। ऐसे मौसम में बिजली गिरने, पेड़ों के उखड़ने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है।
दिल्ली सहित 16 राज्यों में जारी हुआ व्यापक मौसम अलर्ट
मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित कुल 16 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक, झारखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार हल्की से लेकर अत्यधिक भारी वर्षा तक की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। कृषि कार्यों, सड़क परिवहन, हवाई सेवाओं तथा पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर ही अपनी गतिविधियां निर्धारित करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मानसून गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज हल्की से मध्यम वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि बादलों की आवाजाही के कारण उमस में धीरे-धीरे कमी आएगी। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में पश्चिमी जिलों जैसे सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी वर्षा की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्म मौसम बना रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होकर व्यापक वर्षा का कारण बनेगा।
पर्वतीय राज्यों में बढ़ा भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। शिमला, कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, किन्नौर तथा उत्तराखंड के अनेक पर्वतीय जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी व्यक्त की गई है। लगातार होने वाली वर्षा के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा पहाड़ी मार्गों पर यातायात प्रभावित होने का जोखिम बना हुआ है। चारधाम यात्रा सहित पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से बचा जा सके।
मानसून की प्रगति से कृषि और जल संसाधनों को मिलेगा बड़ा सहारा
भारतीय मौसम विभाग ने मानसून की प्रगति को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और गुजरात के अधिक हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे वर्षा की गतिविधियां और अधिक व्यापक होंगी तथा खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त वर्षा से जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा, भूजल पुनर्भरण को बल मिलेगा और कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत प्राप्त होगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने तथा नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता होगी। आने वाले दिनों में मानसून की यह सक्रियता देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल सकती है और लंबे समय से जारी भीषण गर्मी का प्रभाव काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।