दमोह: दमोह जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। जमुनिया गांव में एक महिला ने कथित तौर पर अपने तीन बच्चों को कुएं में धकेल दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। हादसे में महिला और उसके दो छोटे बच्चों की मौत हो गई, जबकि पांच साल की बेटी आरुषि को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और चारों को कुएं से निकालकर पथरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने महिला मंजू (28), उसकी चार साल की बेटी अन्नू और तीन साल के बेटे अनुज को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कुएं से बच्ची की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण
घटना मंगलवार सुबह जमुनिया गांव की है। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण प्रभात फेरी के लिए निकले थे। इसी दौरान उन्हें कुएं से एक बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण आवाज सुनकर कुएं के पास पहुंचे, जहां महिला और उसके तीनों बच्चे पानी में थे।ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए चारों को कुएं से बाहर निकाला और इलाज के लिए पथरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने मंजू और उसके दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। पांच साल की आरुषि की जान बच गई।
पांच साल की आरुषि ने बताई घटना की बात
जानकारी के अनुसार, जीवित बची बच्ची आरुषि ने बताया कि उसकी मां ने पहले तीनों बच्चों को कुएं में धक्का दिया था और इसके बाद खुद भी कुएं में कूद गई।बच्ची के इस बयान के बाद पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पति बोला- हमारे बीच कोई विवाद नहीं था
मंजू के पति नेतराम उर्फ निजाम सिंह गौण मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह करीब पांच बजे गांव की महिलाएं उनके घर पहुंचीं और पत्नी व बच्चों के कुएं में होने की जानकारी दी।नेतराम के मुताबिक, जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दो बच्चों के शव पानी में तैरते देखे। उन्होंने कहा कि उनके और मंजू के बीच कोई विवाद नहीं था। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि मंजू ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
नानी का आरोप- शराब पीकर बेटी से मारपीट करता था दामाद
मंजू की मां उमा रानी ने अपने दामाद नेतराम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नेतराम शराब पीकर मंजू के साथ मारपीट करता था।उमा रानी के मुताबिक, पहली बेटी के जन्म के समय मंजू अपने मायके में थी। करीब एक साल बाद उसका दामाद उसे वापस अपने साथ ले गया था। उस समय उसने शराब नहीं पीने और मारपीट नहीं करने का भरोसा दिया था।मंजू की मां ने यह आरोप भी लगाया कि बेटी और बच्चों की मौत के बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी। उन्हें दूसरे गांव के एक व्यक्ति के माध्यम से घटना का पता चला।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मंजू ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस परिजनों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।