भोपाल: मध्यप्रदेश में डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। 3 अक्टूबर को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार और पशुपालकों की आय बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया। सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी रही।
7,171 दुग्ध समितियां हुईं सक्रिय
प्रदेश में दुग्ध सहकारिता के विस्तार के तहत 1,926 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, जबकि 801 निष्क्रिय समितियों को दोबारा सक्रिय किया गया है। इसके बाद राज्य में कुल 7,171 दुग्ध समितियां क्रियाशील बताई गई हैं। सरकार का लक्ष्य इन समितियों के जरिए दूध संकलन की व्यवस्था को और मजबूत करना है।
12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संकलन का लक्ष्य
मध्यप्रदेश में फिलहाल दूध संकलन को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी है। सरकार ने प्रतिदिन दूध संकलन को 12 लाख लीटर से बढ़ाकर 52 लाख लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर, दुग्ध समितियों और आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्लांट की स्थापना की योजना भी सामने आई।
₹2,973 करोड़ की डेयरी विकास योजना
प्रदेश में डेयरी सेक्टर के विस्तार के लिए 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत आधुनिक डेयरी संयंत्रों और अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे पशुपालकों को बेहतर बाजार और सहकारी व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
'लखपति गोपालक दीदी' पर भी फोकस
डेयरी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं में 'लखपति गोपालक दीदी' पहल को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें सहकारिता व्यवस्था से जोड़ना है। गौपालक सम्मेलन में पशुपालकों को बोनस और अन्य योजनाओं का लाभ दिए जाने की जानकारी भी सामने आई।
भोपाल में विकसित होगा नगर वन
डेयरी विकास के साथ भोपाल के पर्यावरण और जैवविविधता को बढ़ावा देने के लिए भी अहम समझौता किया गया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO) और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच नगर वन विकास के लिए MoU का आदान-प्रदान हुआ।
यह समझौता 'मोरवन प्रोजेक्ट' के तहत भोपाल में नगर वन विकसित करने के लिए किया गया है। MoU का आदान-प्रदान मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी सुदीप सिंह और KRIBHCO के एमडी एस.एस. यादव के बीच हुआ।
हरित क्षेत्र बढ़ाने और जैवविविधता संरक्षण पर जोर
मोरवन प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित नगर वन का उद्देश्य भोपाल के हरित क्षेत्र का विस्तार करना और स्थानीय जैवविविधता को संरक्षण देना है। परियोजना के जरिए स्थानीय वनस्पतियों और जैव विविधता को संरक्षित करने के साथ शहर में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
नगर वन विकसित होने से शहरवासियों को प्राकृतिक और हरित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के साथ जैवविविधता को बढ़ावा देने की है।
इस तरह मध्यप्रदेश में एक ओर दुग्ध उत्पादन और सहकारिता के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और जैवविविधता संरक्षण की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।