भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में से केवल 34,200 शिक्षकों ने ही परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इनमें लगभग 20 हजार सरकारी और 14 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तारीख तीन बार बढ़ाने के बावजूद शिक्षकों की भागीदारी उम्मीद से कम रही। अब माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों की सूची मिलने के बाद जिला और संभागवार आंकड़ों का विश्लेषण करेगा। परीक्षा दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है। वहीं, करीब 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए TET पास करना जरूरी बताया गया है। ऐसे में परीक्षा और इसके नियमों को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
डेढ़ लाख शिक्षकों में से सिर्फ 34,200 ने किया आवेदन
प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की तुलना में केवल 34,200 आवेदन प्राप्त हुए हैं।इनमें लगभग 20 हजार सरकारी स्कूलों और 14 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन तीन बार समय बढ़ाने के बावजूद आवेदनों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई।विभाग अब यह पता लगाने की तैयारी कर रहा है कि कितने शिक्षक परीक्षा के लिए पात्र हैं और कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है। कई स्थानों पर शिक्षक परीक्षा का विरोध भी कर रहे हैं।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह में हो सकती है परीक्षा
मध्यप्रदेश में TET परीक्षा दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने की संभावना जताई गई है।माशिमं को कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों की सूची मिलने के बाद परीक्षा की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। आवेदन की संख्या और शिक्षकों की पदस्थापना के आधार पर परीक्षा केंद्रों की योजना तैयार होगी।दशहरा के बाद परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
शहरी और ग्रामीण शिक्षकों की अलग-अलग बनेगी सूची
आवेदकों की सूची मिलने के बाद माशिमं शिक्षकों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकृत करेगा। इसके तहत यह देखा जाएगा कि किस जिले और संभाग से कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है।
इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी:
जिले और संभाग के अनुसार आवेदकों की संख्या।
शहरी क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों का आंकड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या।
आवेदकों के हिसाब से परीक्षा केंद्रों की जरूरत और स्थान।
इसी जानकारी के आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनके निर्धारण की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सरकारी और निजी शिक्षकों के आवेदन कम आने से बढ़ी चिंता
स्कूल शिक्षा विभाग ने सितंबर में आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई थी। आवेदन की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर रखी गई थी, जिसे तीन बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद आवेदनों की संख्या अपेक्षा के मुताबिक नहीं बढ़ी।विभाग के सामने एक चुनौती यह भी है कि प्रदेश में TET के लिए पात्र प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है कि कुल पात्र शिक्षकों में से कितने ने आवेदन किया है।पात्र शिक्षकों का सही आंकड़ा सामने आने के बाद ही आवेदन की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा सकेगा।
TET पास करना क्यों जरूरी है? 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति पर असर
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को नौकरी और पदोन्नति से जोड़ा गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, करीब 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए TET पास करना जरूरी होगा।ऐसे में परीक्षा केवल पात्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति से भी जुड़ी हुई है।शिक्षकों के लिए परीक्षा पास करने की अंतिम समयसीमा 31 अगस्त 2028 बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पात्र शिक्षकों को इस समयसीमा तक परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आगामी वर्षों में चार अवसर मिलेंगे।
57 वर्ष से अधिक उम्र वाले शिक्षकों को क्या मिली राहत?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 57 वर्ष से अधिक आयु वाले और जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल या उससे कम समय बचा है, ऐसे शिक्षकों को TET से राहत दी गई है।शिक्षकों को अपनी आयु, सेवानिवृत्ति की स्थिति और सेवा संबंधी नियमों के आधार पर लागू प्रावधानों की आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए।
आवेदन के आधार पर तय होंगे परीक्षा केंद्र
माशिमं सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के मुताबिक, अब प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर परीक्षा की तैयारियां शुरू की जाएंगी। उसी के अनुसार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा।आवेदकों की जिला और संभागवार सूची मिलने के बाद परीक्षा प्रबंधन से जुड़े जरूरी निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल परीक्षा की संभावित तारीख दिसंबर के दूसरे सप्ताह में बताई जा रही है। अंतिम कार्यक्रम और परीक्षा संबंधी निर्देश जारी होने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।