New Delhi: मंगल पांडे (Mangal Pandey) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी में से एक थे। वे 1857 की क्रांति के दौरान ब्रिटिश शासन के खिलाफ वीरता से लड़ते रहे थे। वे बेहद साहसी और पराधीनता भाव से भरे हुए थे और भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में उनकी उनके योगदान को पहला योगदान माना जाता है, कई लेखकों का मानना है कि यही से आजादी की लड़ाई की शुरुआत की थी। मंगल पांडे ने अपनी बलिदानी गाथा के माध्यम से भारतीय इतिहास में अहम जगह बनाई और आज भी उनकी याद वीरता और गौरव से याद की जाती है।
देश के लिए खुशी-खुशी फांसी के फंदे पर झूल गए पांडे
देश की आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों ने अपनी कुर्बानी दी थी। लेकिन भारत के इतिहास के पन्नों में आज का दिन 1857 की क्रांति के महानायक मंगल पांडे (Mangal Pandey) के नाम दर्ज है। आने वाली पीढ़ियां खुली हवा में सांस ले सकें, इसके लिए आठ अप्रैल के दिन मंगल पांडे खुशी-खुशी फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे।
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त सेंट्रल एसेंबली हॉल में फेंका था बम
इसके अलावा देश की आजादी की लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाने और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की जड़े हिला देने के लिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने आठ अप्रैल 1929 को दिल्ली के सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था। हालांकि इसका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की तरफ दुनिया का ध्यान खींचना था।
ये है 8 अप्रैल का इतिहास
- 1857 में पहली बार ब्रिटिश सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले बैरकपुर रेजीमेंट के सिपाही मंगल पांडे को फांसी पर चढ़ा दिया गया था।
- 1894 में भारत के राष्ट्रीय गीत बंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का कलकत्ता में निधन हो गया था।
- 1929 में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली असेंबली हॉल में बम फेंका और गिरफ्तारी दी।
- 1950 में भारत और पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों और भविष्य में युद्ध की संभावना को ख़त्म करने के लिए लियाकत-नेहरू समझौता किया गया।
- 20वीं शताब्दी के सबसे प्रभावी चित्रकार स्पेन के पाब्लो पिकासो का 1973 में निधन।
- 2013 में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गेरेट थैचर का निधन. वह ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि यूरोपीय देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं. साथ ही 20वीं शताब्दी में ब्रिटेन की एकमात्र प्रधानमंत्री, जिसने तीन बार लगातार यह पद संभाला।
- 2020 में देश में कोरोना संक्रमित मामले 5,700 के पार पहुंच गया। इसको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक आपातकाल बताया था।
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