सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आज उत्तरप्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से चुनावी नामांकन दर्ज करेंगे। इससे पहले कन्नौज सीट से मैनपुरी से पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी घोषित किया था। लेकिन स्थानीय संगठन की रिपोर्ट के बाद अखिलेश को खुद उतरना पड़ा।
डिंपल बीजेपी के सुब्रत पाठक से हार गईं
आपको बता दें अखिलेश यादव 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने गए थे। वह 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गई थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी डिंपल ने कन्नौज सीट से दर्ज की। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में डिंपल बीजेपी के सुब्रत पाठक से हार गईं।
सपा नेताओं में बेरुखी देखने को मिल रही थी
कन्नौज सीट से वहां से स्थानीय नेता पहले से ही अखिलेश को चुनाव लड़ने की कह रहे थे। लेकिन सोमवार को तेज प्रताप के नाम के एलान के साथ सपा नेताओं में बेरुखी देखने को मिल रही थी। स्थानीय सपा कार्यकर्ता तेज प्रताप की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे। नाराज नेताओं ने मंगलवार को लखनऊ में अखिलेश से मुलाकात की और चुनाव में उतरने का अनुरोध किया।
पहले फेज में उसके हिस्से में तीन से चार सीटें आएंगी
पहले चरण के चुनाव बाद विपक्षी गठबंधन इंडिया को लग रहा है कि पहले फेज में उसके हिस्से में तीन से चार सीटें आएंगी।अगले फेज में इसे कायम करने के लिए चरणों में इसे बनाए रखने और उत्साह कायम रखने के लिए भी अखिलेश यादव ने मैदान में उतरने का फैसला लिया।
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