कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने राज्य में स्कूली पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार ने आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार और वीडी सावरकर पर आधारित चैप्टर्स को पुस्तकों से हटा दिया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने विरोध जताया है। गडकरी ने 17 जून (शनिवार) को वीडी सावरकर पर आधारित पुस्तक विमोचन समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए कर्नाटक सरकार के इस फैसले को "दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया।
नितिन गडकरी ने की आलोचना
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शनिवार को वीडी सावरकर पर पुस्तक विमोचन समारोह में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार द्वारा पाठ्यपुस्तकों से सावरकर के चैप्टर्स को हटाने के फैसले की आलोचना की। गडकरी ने कहा कि, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डॉ हेडगेवार और स्वतंत्र वीर सावरकर पर अध्यायों को स्कूल के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। इससे ज्यादा दर्दनाक कुछ भी नहीं है।"
नितिन गडकरी ने की आलोचना
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शनिवार को वीडी सावरकर पर पुस्तक विमोचन समारोह में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार द्वारा पाठ्यपुस्तकों से सावरकर के चैप्टर्स को हटाने के फैसले की आलोचना की। गडकरी ने कहा कि, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डॉ हेडगेवार और स्वतंत्र वीर सावरकर पर अध्यायों को स्कूल के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। इससे ज्यादा दर्दनाक कुछ भी नहीं है।"
कर्नाटक सरकार ने पाठ्यक्रम में किया संशोधन
दरअसल कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को राज्य के स्कूलों में कक्षा 6 से 10 के लिए सामाजिक विज्ञान और कन्नड़ पाठ्यपुस्तकों के संशोधन को मंजूरी दी है। जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार और हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर सहित अन्य अध्यायों को हटा दिया गया है। 15 जून को राज्य के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने स्कूली पाठ्यक्रम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार पर एक अध्याय हटाने की घोषणा की थी।
बता दें कि यह अध्याय पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था।
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