Himachal Pradesh: हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनते ही वहां का एक पुराना मामला फिर से चर्चा में आ गया है। दरअसल मामला अटल टनल (Atal Tunnel) पर बनी शिलान्यास पट्टिका(पत्थर) का है। आपको बता दें कि राज्य के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासन को अटल टनल पर लगे पुराने शिलान्यास पत्थर को दोबारा लगाने का आदेश दिया है।
दरअसल, सोनिया गांधी ने 28 जून 2010 को सुरंग के पास धुंडी में टनल के दक्षिण पोर्टल की आधारशिला रखी थी। जिसका शिलान्यास उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और दिवंगत केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह की उपस्थिति में हुआ था। बाद में पत्थर हटा दिया गया था। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनते ही ये विवाद फिर से सामने आ गया।
ये है मामला
शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की विधायकों के साथ हुई बैठक में लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने अटल टनल रोहतांग की शिलान्यास पट्टिका लगाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने जहां अटल टनल रोहतांग की सोनिया गांधी द्वारा किए गए शिलान्यास की पट्टिका को हटा दिया था वहीं उसे पुन: स्थापित किया जाए।
जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को आदेश जारी किए कि पांच दिनों के भीतर अटल टनल रोहतांग की शिलान्यास पट्टिका को पुन: स्थापित किया जाए। विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि अटल टनल रोहतांग देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का सपना था और उन्होंने ही सबसे पहले अटल टनल रोहतांग के निर्माण को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। बता दें कि अटल टनल रोहतांग की शिलान्यास पट्टिका का मामला टनल के उदघाटन के दौरान कांग्रेस के द्वारा उठाया गया था। इसको लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे।
रोहतांग सुरंग से कैसे बना अटल टनल
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में रणनीतिक सुरंग बनाने का फैसला 3 जून 2000 को लिया गया था, तब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। उनके सम्मान में 2019 में केंद्रीय कैबिनेट ने रोहतांग सुरंग प्रोजेक्ट का नाम अटल सुरंग रखने का फैसला लिया था।
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