कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान कई जगह हिंसा (Violence) हुई है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस (CV Anand Bose) ने शनिवार (17 जून) को दक्षिण 24 परगना जिले में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा, "मैंने खुद यहां आकर हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया, लोगों की बातें सुनी। जो घटना घटी मैं उससे व्यथित हूं।"
"ये बिल्कुल भी सहनीय नहीं है"
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने आगे कहा, "ये बिल्कुल भी सहनीय नहीं है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कुछ कदम उठाने का फैसला दिया है। एक राज्यपाल के रूप में मेरी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं, मुझे और हम सबको संविधान की रक्षा करनी है। दुर्भाग्य से, कुछ इलाकों में मैंने लोकतंत्र के स्तर में गिरावट देखी है। मैं यहां लोगों के साथ खड़ा हूं। अत्याचार, धमकी और हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
घोष ने कही ये बात
राज्यपाल के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर टीएमसी के महासचिव कुणाल घोष ने कहा, "वह (राज्यपाल) बीजेपी के सदस्य की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मैं उनके पद का सम्मान करता हूं, लेकिन अगर राज्यपाल उस बात को स्थापित करने की कोशिश करते हैं जो बीजेपी, सीपीआई (एम), कांग्रेस और आईएसएफ की ओर से टीएमसी के लिए कहा जा रहा है तो हम विरोध करेंगे।"
"हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी"
इससे पहले दिन में पंचायत चुनाव पर राज्यपाल बोस ने पीटीआई से कहा था, "केवल इसलिए लोगों को अपने लोकतांत्रिक मताधिकार का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए कि यहां कानून तोड़ने वाले कुछ लोग हैं। कानून तोड़ने वालों को कानून के कठघरे में खड़ा करना होगा। हिंसा के खिलाफ समय पर कार्रवाई करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "वह बंगाल की जनता के आरोग्य और कल्याण के लिए काम करेंगे। राज्य में राजनीतिक हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान बवाल
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने है। जिसके लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान जगह-जगह हिंसा हुई है। इस हिंसा में हिंसा में अब तक पांच लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है।
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