दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तथाकथित शराब घोटाला केस में जमानत मिल गई है। 2021-22 की अब समाप्त हो चुकी दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में CBI की तरफ से दर्ज मामले में केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी केजरीवाल को जमानत
आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुइयां की पीठ ने ये आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल जमानत के लिए ट्रिपल टेस्ट को पूरा करते हैं और तदनुसार उनकी रिहाई का आदेश दिया। कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं। सबसे पहले केजरीवाल को 10 लाख रुपये का जमानत बॉन्ड भरना होगा और उसी के बाद वो जेल से रिहा होंगे। वहीं केजरीवाल की जमानत पर इंडी गंठबंधन के नेताओं की तरफ से प्रतिक्रिया आ रही हैं।
केजरीवाल की जमानत ‘संविधान की जीत’ है
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने को संविधान की जीत बताया है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर लिखा कि, दिल्ली के लोकप्रिय व जन कल्याणकारी मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी की जमानत ‘संविधान की जीत’ है।
संविधान विरोधी ही संविधान का दुरुपयोग करते हैं
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि, संविधान विरोधी ही संविधान का दुरुपयोग करते हैं और न्याय के दरवाजे पर दी गयी दस्तक हमेशा सुनी जाती है। पूर्व सीएम यादव ने कहा कि, दुनिया अब तक इसी परंपरा पर आगे बढ़ी है और भविष्य में भी बढ़ती रहेगी।
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