जम्मू-कश्मीर में ठंड की लहर और तेज हो गई है। प्रसिद्ध स्की रिज़ॉर्ट गुलमर्ग में सोमवार को न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पहलगाम में तापमान माइनस 4.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया
मौसम विभाग के अनुसार, पहलगाम में तापमान माइनस 4.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। जम्मू संभाग में भी ठंड का असर साफ नजर आया। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री रहा, जबकि कटरा में 5.6, बटोटे में 2.1, बनिहाल में माइनस 1.3 और भद्रवाह में माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
हालांकि गुलमर्ग और सोनमर्ग में हल्की बर्फबारी हुई है, लेकिन कश्मीर घाटी में अब तक भारी बर्फबारी नहीं हुई है। मौसम विभाग ने 20 जनवरी तक मौसम के शुष्क बने रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में चिल्लई कलां के मौजूदा 40 दिनों के दौरान भारी बर्फबारी की संभावना कम मानी जा रही है।
चिल्लई कलां में कम बर्फबारी से गर्मियों में जल संकट की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चिल्लई कलां के दौरान पर्याप्त बर्फबारी नहीं होती, तो गर्मियों में नदियों, झरनों, झीलों, तालाबों और कुओं में जलस्तर घट सकता है। आमतौर पर इन जल स्रोतों को पहाड़ों में जमा बर्फ से पानी मिलता है, जो सर्दियों में भारी बर्फबारी से भरते हैं। फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी बढ़ते तापमान के कारण अधिक समय तक टिक नहीं पाती।
डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी
घाटी में अब तक बड़ी बर्फबारी न होने से किसान और बागवान चिंतित हैं। श्रीनगर सहित मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी अभी नहीं हुई है। ठंडे और शुष्क मौसम को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को। ऐसे लोगों को मौसम के सामान्य होने तक घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी।
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