कोलकाताः देश में विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने हवाई यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव के चलते एयरलाइंस पर लागत का दबाव बढ़ गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में किराए पर पड़ सकता है।
ATF कीमतों में ताजा बढ़ोतरी
हाल ही में ATF की कीमतों में करीब 8.5% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह ₹1 लाख प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई है। हालांकि सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया है ताकि एयरलाइंस पर अचानक बोझ न पड़े।
एयरलाइंस पर बढ़ा खर्च
विशेषज्ञों के मुताबिक, एयरलाइंस की कुल लागत का लगभग 30% से 40% हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। (ETInfra.com)
ऐसे में ATF की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर कंपनियों की ऑपरेटिंग लागत बढ़ा रही है, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है।
क्या बढ़ेंगे हवाई किराए?
फिलहाल राहत की बात यह है कि एयरलाइंस ने तुरंत किराया नहीं बढ़ाया है और कुछ हद तक लागत खुद वहन कर रही हैं। लेकिन अगर ईंधन महंगा बना रहता है, तो आने वाले समय में टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।
वैश्विक संकट का असर
मध्य पूर्व में तनाव और तेल आपूर्ति में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन महंगा हुआ है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है, जिससे ATF की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।
सरकार और एयरलाइंस की रणनीति
सरकार और तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही हैं, जबकि एयरलाइंस चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज लागू कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो गर्मियों में हवाई सफर महंगा हो सकता है।
यात्रियों के लिए क्या सलाह?
यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे पहले से टिकट बुक करें और किराए में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखें। आने वाले हफ्तों में हवाई किराए की स्थिति काफी हद तक वैश्विक ईंधन कीमतों पर निर्भर करेगी।