मद्रास: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईडी ने उन्हें सरकारी अस्पताल से कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया। मंत्री की पत्नी की तरफ से हाईकोर्ट में ये अपील की गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने ये अंतरिम आदेश दिया। इस मामले में ईडी को नोटिस भी जारी किया गया है और मामले की अगली सुनवाई अब 22 जून को होगी। कोर्ट ने ये साफ किया है कि मंत्री सेंथिल फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
बालाजी की पत्नी ने दायर की थी याचिका
बालाजी की पत्नी की तरफ से दायर याचिका पर जस्टिस जे. निशा बानू और डी. भरत चक्रवर्ती की बेंच ने सुनवाई की, हालांकि मंत्री को ज्यादा राहत नहीं दी गई। मंत्री की पत्नी ने देर रात हुई गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, साथ ही अपने पति के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। कोर्ट की तरफ से ईडी को मंत्री की जांच के लिए अपनी डॉक्टरों की टीम तैनात करने की इजाजत दी गई है।
हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश
सेंथिल बालाजी के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता ने अनुरोध किया है कि उनका कावेरी अस्पताल, चेन्नई में एक नियमित चिकित्सक है, जब मामला किसी व्यक्ति के जीवन से संबंधित है, तो हमारा विचार है कि न्यायिक हिरासत में लिए गए व्यक्ति की ओर से किए गए अनुरोध के बाद उन्हें अपने खर्चे पर अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाए। हालांकि, वह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।’’
16 जून को सुनाया जाएगा जमानत का फैसला
तमिलनाडु के मंत्री की जमानत पर भी सुनवाई हो चुकी है। शहर की एक अदालत ने अंतरिम जमानत के लिए बालाजी की याचिका और ईडी की तरफ से कस्टडी की मांग पर सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया। शुक्रवार 16 जून को फैसला सुनाया जा सकता है। इसी बीच इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है।
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