पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी हलचल देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी असंतोष के संकेत सामने आए हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने संगठन में “तोड़फोड़” का आरोप लगाते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
80 में से 71 विधायक ही पहुंचे
बैठक में ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई अहम बैठक में कुल 80 विधायकों में से 71 ही शामिल हुए, जबकि 9 विधायक अनुपस्थित रहे। बताया जा रहा है कि कुछ विधायकों ने अपने क्षेत्रों में तनाव और पोस्ट-पोल हालात का हवाला दिया।
अनुशासन तोड़ने पर सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने साफ कहा कि पार्टी या नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की बगावत या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संगठन में जांच के लिए अनुशासन समिति बनाने का ऐलान किया।
जांच के लिए बनी अनुशासन समिति
इस समिति में डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और असीमा पात्रा जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। साथ ही अलग-अलग जिलों में हालात की जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग टीमें भी भेजी जाएंगी।
चुनाव प्रक्रिया पर धांधली के आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी जरूरत पड़ने पर कानूनी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मामला उठाएगी।
अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी
बैठक में ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। कई विधायकों ने उनके चुनाव अभियान में भूमिका की सराहना की।
पार्टी ने बयानों पर दी सफाई
पार्टी ने अपने कुछ नेताओं के बयानों को व्यक्तिगत राय बताया है, जिसमें चुनाव परिणामों को जनादेश कहने वाले बयान भी शामिल हैं।