केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली में स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलकर प्रधानमंत्री मेमोरियल म्यूजियम कर दिया है। अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद देश में सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर इतिहास को मिटाने का इल्जाम लगाया है। वहीं, पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे और नीरज शेखर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने कभी गांधी परिवार से आगे नहीं देखा
बीजेपी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने ट्वीट कर लिखा कि, मेरे पिता पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने सदैव राष्ट्रहित के लिए काम किया। उन्होंने कांग्रेस के साथ भी काफी काम किया, मगर कांग्रेस ने कभी एक वंश (गांधी परिवार) से आगे नहीं देखा। अब जब पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के प्रधानमंत्रियों को सम्मानित किया है, तो कांग्रेस उत्तेजित हो रही है। प्रधानमंत्रियों का सम्मान तो भूल जाइए, कांग्रेस और उनके शाही खानदान ने उन प्रधानमंत्रियों का भी तिरस्कार किया है, जो उनके वंश के नहीं हैं। उन्होंने अपने इस ट्वीट में आगे लिखा कि, नरसिम्हा राव के प्रति कांग्रेस के सलूक को हमारे सियासी इतिहास के सबसे शर्मनाक अध्यायों में से एक के रूप में जाना जाएगा। बीजेपी नेता ने कहा कि, आज प्रधानमंत्री मेमोरियल म्यूजियम में पार्टी लाइन से हटकर देश के हर प्रधानमंत्री को सम्मान मिला है और उनके योगदान को रेखांकित किया गया है।
नीरज शेखर ने मल्लिकार्जुन खड़गे के ट्वीट को किया रिट्वीट
आपको बता दें कि, बीजेपी के राज्यसभा नीरज शेखर ने यह ट्वीट मल्लिकार्जुन खड़गे के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए किया है। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा था कि, जिनका कोई इतिहास नहीं है, वह अब दूसरों का इतिहास मिटा रहे हैं। मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदलने से आधुनिक भारत के शिल्पकार और लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी जवाहरलाल नेहरू की शख्सियत कम नहीं हो सकती। यह फैसला बीजेपी-आरएसएस की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये को दर्शाती है।
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