उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महाराजगंज (Maharajganj) के रहने वाले उमेश करीब 2.5 साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हो कर भारत वापस लौटे है। 2021 में मछली पकड़ने के दौरान उनकी बोट पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गई थी। जिसके बाद पाक नेवी ने उमेश सहित नाव में सवार 6 मछुआरें को पकड़ लिया था। भारत सरकार लगातार इन मछुआरों को भारत लाने के लिए प्रयासरत थी।
19 मार्च 2021 को हुई थी गिरफ्तारी
बृजमनगंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा बरगाहपुर के रहवासी उमेश काफी गरीब परिवार से आते है। वह दो वक्त की रोटी कमाने के लिए गुजरात गए थे। वहां उमेश मछली पकड़ा करते थे। इसी कड़ी में 19 मार्च को मछली पकड़ने के दौरान उमेश और उनके साथियों की मोटर बोट का पट्टा टूट गया और उनकी बोट बह कर पाक की सीमा में जा पहुंची। पाक की सीमा में प्रवेश करते ही पाकिस्तान नेवी ने उमेश और अन्य पांच मछुआरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जिसके बाद उन्हें कराची ले जाया गया। जहां सभी से पूछताछ के बाद उन्हें मलीर जेल में बंद किया गया था।घर आने की खो चुका था उम्मीद: उमेश
पाकिस्तान से वापस लौटने पर उमेश ने पाक जेल की भयावह हालात के बारे में बताया। उसने बताया कि जेल में रहने के दौरान उसे लग नहीं रहा था कि वह कभी भारत अपने घर लौट पाएगा। उमेश ने यह भी बताया कि पाक जेल में खान पान का कोई ठिकाना नहीं था। उमेश ने आगे कहा कि वह चाहता है कि अपनी बेटी को पढ़ा लिखाकर डॉक्टर बनाए और एक मकान भी बनवा ले। दरअसल उमेश इसी चक्कर में कमाने के लिए गुजरात गया हुआ था।भारत सरकार लगातार थी प्रयासरत
भारत सरकार लगातार पाकिस्तान से सभी मछुआरों को वापस भारत लाने के लिए प्रयास कर रही थी। जिसके बाद 3 जून को पाकिस्तान आर्मी ने 200 भारतीय मछुआरों को बाघा बॉर्डर पर बीएसएफ के जवानों को सौंपा था।Read More: मणिपुर में बने सीरिया जैसे हालात, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल का छलका दर्द
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