गुजरात में लंबे समय से ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने की मांग उठ रही है। ओबीसी आरक्षण पर प्रदेश में क्लीयर स्टैंड न होने से, स्थानीय चुनाव में देरी हो रही है। ऐसे मंगलवार को निकाय चुनाव से पहले गुजरात सरकार ने एक बड़ा एलान किया है। भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली बीजेपी (BJP) सरकार ने गुजरात निकाय चुनाव में 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का फैसला किया है।
इस फैसले से गुजरात की बीजेपी सरकार ने प्रदेश के 40 फीसदी ओबीसी मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। सियासी जानकारों के मुताबिक, प्रदेश सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव में भी इसका फायदा मिलेगा। बीजेपी सरकार ने मंगलवार को एक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों जैसे निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 फीसदी आरक्षण की घोषणा की, जिससे इन निकायों के चुनाव का रास्ता साफ हो गया।हालांकि, पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) (पेसा) अधिनियम के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में, जिनमें से अधिकांश अच्छी खासी आदिवासी आबादी वाले हैं। स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण 10 फीसदी जारी रहेगा।
गुजरात में लंबे समय से ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने की मांग उठ रही है। ओबीसी आरक्षण पर प्रदेश में क्लीयर स्टैंड न होने से, स्थानीय चुनाव में देरी हो रही है। ऐसे मंगलवार को निकाय चुनाव से पहले गुजरात सरकार ने एक बड़ा एलान किया है। भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली बीजेपी (BJP) सरकार ने गुजरात निकाय चुनाव में 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का फैसला किया है।
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