तिरुवनंतपुरम. अप्रैल महीने में देश के कई हिस्सों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में हर किसी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और बारिश का इंतजार तेज हो गया है।
मानसून को लेकर आई राहत भरी खबर
भीषण गर्मी के बीच अब मौसम को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से पहले दस्तक दे सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो मई के अंत तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।
दक्षिण भारत में सबसे पहले होती है शुरुआत
आमतौर पर भारत में मानसून की शुरुआत दक्षिणी तटीय क्षेत्रों से होती है। केरल राज्य को मानसून का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां से यह धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है। पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि मई के अंतिम सप्ताह में यहां मानसून की पहली बारिश होती है, हालांकि कई बार यह तय समय से पहले भी पहुंच जाता है।
अंडमान-निकोबार में शुरुआती संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 18 से 25 मई के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह क्षेत्र मानसून की शुरुआती गतिविधियों का संकेतक माना जाता है। यहां सक्रिय होने के बाद मानसून धीरे-धीरे मुख्य भूमि की ओर बढ़ता है और फिर दक्षिण भारत में प्रवेश करता है।
हवाओं की दिशा तय करती है बारिश
मानसून के आगमन में समुद्री हवाओं की दिशा और गति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के क्षेत्र में चलने वाली नम और तेज हवाएं भारत में वर्षा लाने का काम करती हैं। वर्तमान में इन क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम दिशा से तेज हवाएं सक्रिय हैं, जो मानसून के जल्द आगमन का संकेत दे रही हैं।
केरल और तमिलनाडु में ज्यादा बारिश की संभावना
पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा करा सकती हैं। 25 मई से 1 जून के बीच मानसून के पश्चिम और उत्तर दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिससे देश के अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे बारिश का असर देखने को मिलेगा।
गर्मी से राहत के साथ बढ़ेगी उम्मीद
यदि मानसून तय समय से पहले आता है, तो यह न केवल भीषण गर्मी से राहत देगा, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक संकेत लेकर आएगा। समय पर या समय से पहले बारिश होने से फसलों की बुवाई बेहतर ढंग से हो सकेगी और जल संसाधनों में भी सुधार होगा।
मौसम पर बनी रहेगी नजर
हालांकि मौसम पूर्वानुमान संभावनाओं पर आधारित होते हैं, इसलिए अंतिम स्थिति में बदलाव भी संभव है। इसके बावजूद वर्तमान संकेत यह बताते हैं कि देश जल्द ही गर्मी से राहत महसूस कर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।