नई दिल्ली - चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अपडेट रखने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) अभियान की घोषणा किए जाने की जानकारी दी है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पंजाब समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। इस अभियान का उद्देश्य नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और मतदाता सूची में मौजूद विवरण को अद्यतन रखना है। हालांकि, अभियान में शामिल राज्यों, कार्यक्रम और तारीखों की पुष्टि चुनाव आयोग की आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए।
नए मतदाताओं के लिए Form-6 भरने के निर्देश
दिए गए विवरण के अनुसार, आयोग ने राज्यों को निर्देश दिया है कि 2027 में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए पात्र युवाओं से Form-6 भरवाने को कहा गया है, जो नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। वर्तमान व्यवस्था में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए साल में चार अर्हता तिथियां निर्धारित हैं—1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर। इसका उद्देश्य उन युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जो अलग-अलग तिथियों पर 18 वर्ष की आयु पूरी करते हैं।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अहम प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत कुछ राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची का समय पर अद्यतन होना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभियान के जरिए पात्र नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के साथ मौजूदा प्रविष्टियों की जांच भी की जा सकती है। हालांकि, मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा होना और विधानसभा चुनावों की घोषणा अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग अपने आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार करता है।
ड्राफ्ट और अंतिम सूची राजनीतिक दलों को देने की बात
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान जारी होने वाली ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची की हार्ड कॉपी तथा डिजिटल कॉपी पढ़ने योग्य प्रारूप में राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाना और नामों को लेकर सामने आने वाली आपत्तियों के निपटारे में मदद करना है। मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि पर आपत्ति या सुधार के लिए लागू समयसीमा और प्रक्रिया संबंधित निर्वाचन कार्यालय के निर्देशों के अनुसार होगी।
मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों पर निगरानी
चुनावों के बाद कई बार राजनीतिक दल और उम्मीदवार मतदाता सूची में नाम हटाए जाने या गलत प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाते हैं। ऐसे विवादों को कम करने के लिए सूची की जांच, आपत्तियों का निपटारा और संशोधित विवरण की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मतदाताओं को सलाह है कि वे अपने नाम और अन्य विवरण की जांच आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल या संबंधित निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से करें। यदि नाम दर्ज नहीं है और वे पात्र हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।