मुंबई - मिलावटी मसालों की बिक्री पर रोक लगाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खुले और बिना पैकेट वाले मसाला पाउडर तथा मिश्रित मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, मसालों को उत्पादन स्थल पर ही पैक और सीलबंद करना होगा। इसका उद्देश्य उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर उसके स्रोत का पता लगाना है।
हानिकारक रंगों के इस्तेमाल पर सख्ती
महाराष्ट्र FDA के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि मसालों में मेटानिल येलो, रोडामाइन बी, सूडान डाई और लेड क्रोमेट जैसे हानिकारक रंगों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य पदार्थों में इनकी मिलावट से उपभोक्ताओं की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
आदेश में मसालों को कीटाणुरहित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एथिलीन ऑक्साइड पर भी प्रतिबंध का उल्लेख है। इस रसायन के संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मसालों के उत्पादन और प्रसंस्करण में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन जरूरी होगा।
उत्पादन से बिक्री तक लागू होंगे नियम
तुकाराम मुंढे के अनुसार, राज्य सरकार ने मसालों के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री को लेकर व्यापक निर्देश जारी किए हैं। सभी संबंधित खाद्य कारोबारियों को इन नियमों का पालन करना होगा।
ये निर्देश हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलायची, हींग, केसर और खसखस जैसे मसालों के साथ-साथ गरम मसाला, करी पाउडर तथा अन्य मसाला आधारित उत्पादों पर भी लागू होंगे।
दुकानदारों से लेकर ऑनलाइन कारोबारियों तक दायरा
आदेश के दायरे में मसालों के निर्माता, व्यापारी, थोक और खुदरा विक्रेता शामिल हैं। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियों, होटलों, भोजनालयों, कैटरर्स और संस्थागत रसोईघरों को भी निर्देशों का पालन करना होगा।
उत्पादन स्थल पर पैकिंग और सीलिंग की व्यवस्था से मसालों की पहचान, पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी में मदद मिल सकती है। हालांकि, नियमों के वास्तविक क्रियान्वयन और निरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।
मिलावट करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
FDA आयुक्त ने चेतावनी दी कि मसालों का वजन या मात्रा बढ़ाने के लिए ईंट का चूरा, चाक पाउडर, लकड़ी का बुरादा, स्टार्च या अन्य अनधिकृत पदार्थ मिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटिया कच्चे माल को मिलाकर मसालों की गुणवत्ता से समझौता करना भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
इस कदम का मकसद बाजार में उपलब्ध मसालों की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करना और उपभोक्ताओं को मिलावटी उत्पादों से बचाना है। हालांकि, आदेश के लागू होने की तारीख, निरीक्षण और दंड से जुड़े विशिष्ट प्रावधानों की पुष्टि महाराष्ट्र FDA की अधिसूचना से की जानी चाहिए।