पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर मंडरा रहे खतरे के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंत्रालय के अनुसार, पिछले 48 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, जिससे समुद्री क्षेत्र में काम कर रहे भारतीयों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
लगातार समन्वय में जुटा मंत्रालय
जहाजरानी महानिदेशालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसके लिए विदेश मंत्रालय, विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संचालन को सुचारु बनाए रखना है। यही वजह है कि संकट की हर गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा रही है।
विदेशी जहाजों पर सवार भारतीय भी सुरक्षित
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल भारतीय जहाजों पर ही नहीं, बल्कि विदेशी जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की स्थिति भी पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय के अनुसार अब तक किसी भी विदेशी पोत पर सवार भारतीय नागरिक के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना या हमले की सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है।
तीन हजार के करीब नाविकों की सुरक्षित वापसी
मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,999 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। इनमें से 23 नाविकों को केवल पिछले 48 घंटों के भीतर ही खाड़ी क्षेत्र से वापस लाया गया है। सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष निगरानी और सहायता तंत्र विकसित किया है, जिसके जरिए लगातार राहत अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
कंट्रोल रूम पर लगातार बढ़ रहा दबाव
जहाजरानी महानिदेशालय द्वारा स्थापित विशेष कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है। मंत्रालय के अनुसार अब तक इस कंट्रोल रूम में 8,570 से अधिक कॉल और 18,732 ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। केवल पिछले 48 घंटों में ही 156 कॉल और 668 ईमेल आए, जिनके जरिए नाविकों और उनके परिवारों ने जानकारी तथा सहायता मांगी। सरकार का कहना है कि हर कॉल और ईमेल का त्वरित जवाब दिया जा रहा है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को असहाय महसूस न करना पड़े।
वैश्विक तनाव के बीच भारत की सक्रिय रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे समय में भारत द्वारा अपने नाविकों और समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए बनाई गई सक्रिय रणनीति उसकी वैश्विक जिम्मेदारी और तैयारियों को दर्शाती है। सरकार की यह सतर्कता न केवल भारतीय नागरिकों के लिए भरोसे का संदेश है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय में भारत की गंभीर भूमिका को भी मजबूत करती है।