ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित है। ऐसे समय में भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जैसलमेर के थार रेगिस्तान में कच्चे तेल के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने उत्पादन को 705 बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर 1,202 बैरल प्रतिदिन कर दिया है, जो करीब 70% की बढ़ोतरी है।
सालाना उत्पादन में भी उछाल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्थान फील्ड से 43,773 मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष के 32,787 मीट्रिक टन से काफी अधिक है।
आधुनिक तकनीक का बड़ा योगदान
जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र में जोधपुर सैंडस्टोन फॉर्मेशन से यह उपलब्धि हासिल की गई है। इसके पीछे साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (CSS) जैसी उन्नत तकनीक का अहम योगदान है, जो गाढ़े कच्चे तेल को निकालने में मदद करती है।
इसके अलावा डाइलुएंट इंजेक्शन, आर्टिफिशियल लिफ्ट सिस्टम, फिशबोन ड्रिलिंग और बेयरफुट कंप्लीशन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया है।
52 कुओं में से 33 सक्रिय
राजस्थान के बीकानेर-नागौर बेसिन में स्थित बाघेवाला तेल क्षेत्र 1991 में खोजा गया था और 2017 से यहां उत्पादन जारी है। लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस क्षेत्र में कुल 52 कुएं हैं, जिनमें से 33 वर्तमान में सक्रिय हैं। ऑयल इंडिया लिमिटेड की यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।