बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने रविवार (5 अप्रैल 2026) से आपात टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
बढ़ते आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक खसरे से 17 लोगों की पुष्टि मौत हो चुकी है, जबकि 113 संदिग्ध मौतें सामने आई हैं। देशभर में 7,500 से अधिक संदिग्ध संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।
18 जिलों में शुरू हुआ अभियान
यह टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य मंत्रालय की अगुवाई में चलाया जा रहा है, जिसमें यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और गावी वैक्सीन एलायंस का सहयोग मिल रहा है। फिलहाल यह अभियान 18 उच्च जोखिम वाले जिलों में शुरू किया गया है।
छोटे बच्चों पर विशेष फोकस
इस अभियान में 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है, खासतौर पर वे बच्चे जो नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं और गंभीर संक्रमण के खतरे में हैं।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
कई प्रभावित इलाकों में अस्पताल पहले से ही मरीजों से भरे हुए हैं और सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं। इससे संक्रमण के और फैलने की आशंका बढ़ गई है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
यूनिसेफ की प्रतिनिधि राना फ्लावर्स ने चिंता जताते हुए कहा कि खसरे के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे छोटे और कमजोर बच्चों की जान को खतरा है।
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. अहमद जमशीद मोहम्मद ने कहा कि आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ सकता है, लेकिन टीकाकरण अभियान के बाद हालात में सुधार की उम्मीद है। बांग्लादेश में शुरू किया गया यह आपात टीकाकरण अभियान खसरे के प्रकोप को रोकने और बच्चों की जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।