तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार का गुरुवार को बड़ा कैबिनेट विस्तार हुआ। चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 23 नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें टीवीके के 21 और कांग्रेस के 2 विधायक शामिल हैं। इसी के साथ कांग्रेस 59 साल बाद तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बन गई है। कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन को विजय कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। एस राजेश कुमार किलियूर और पी विश्वनाथन मेलूर सीट से विधायक हैं। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार सुबह 10 बजे आयोजित हुआ।
59 साल बाद सरकार में कांग्रेस की वापसी
दरअसल, 1952 से 1967 तक तमिलनाडु, जिसे उस समय मद्रास राज्य कहा जाता था, में कांग्रेस की सरकार रही थी। इस दौरान सी राजगोपालाचारी, के कामराज और एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे। 1967 में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन कभी सरकार का हिस्सा नहीं बनी। अब लगभग छह दशक बाद कांग्रेस को सत्ता में भागीदारी मिली है।
VCK और IUML को भी मिल सकती है जगह
पार्टी सूत्रों के अनुसार भविष्य में विदुथलाई चिरुथइगल काची और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल दोनों दल सरकार को बाहर से समर्थन देंगे। वहीं AIADMK के बागी नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।
DMK से अलग होने के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी। पहले उसका गठबंधन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के साथ था, लेकिन चुनाव से पहले डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने साफ कर दिया था कि राज्य में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला लागू नहीं होगा। इसके बाद विधानसभा चुनाव परिणाम आने पर 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर विजय सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य विधानसभा में 5 विधायक हैं।
पहले चरण में 9 मंत्रियों ने ली थी शपथ
मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय उनके साथ 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। अब दूसरे चरण के विस्तार के साथ सरकार का मंत्रिमंडल और मजबूत हो गया है।