योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और सड़क हादसों में होने वाली मौतें प्रदेश और देश दोनों की बड़ी क्षति हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं जागरूकता की कमी के कारण होती हैं, इसलिए जनजागरूकता अभियान को और तेज किया जाए।
सभी जिलों में चलेगा विशेष सड़क सुरक्षा अभियान
सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शासन स्तर पर सड़क सुरक्षा की पाक्षिक समीक्षा बैठक करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सड़कों पर स्टंटबाजी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओवरस्पीड और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं बार-बार चालान होने वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
फिटनेस वाली बसें ही चलेंगी सड़कों पर
बैठक में परिवहन निगम को निर्देश दिए गए कि केवल फिटनेस प्रमाणित बसें ही सड़कों पर संचालित हों। इसके अलावा चालकों और परिचालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी आदेश दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए यातायात नियमों की जानकारी दी जाए।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश के ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनका समयबद्ध समाधान करने को कहा गया। चौराहों पर साइनेज लगाने और टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।