भोपाल । डाक सेवा के डिजिटल दौर में भी मध्य प्रदेश ने अपनी खास पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को मात देते हुए एमपी के सभी 10,275 डाकघर अब ‘ऑल-इन-वन’ सेवाएं दे रहे हैं। चिट्ठियों से लेकर बैंकिंग तक, हर डाकघर में अब जनता को भरोसेमंद और पूरी सुविधा मिल रही है।
MP का मैजिक: 100 फीसदी सर्विस
मध्य प्रदेश ने डाक सेवाओं के मामले में पूरे देश में झंडा गाड़ दिया है। रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, राज्य के सभी 10,275 डाकघर समस्त डाक सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। यह उपलब्धि इसलिए अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश के 17,957 डाकघरों में केवल 2,373 और महाराष्ट्र के 14,037 में 9,254 ही पूरी सेवाएं दे पा रहे हैं। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि “बेहतर मैनेजमेंट के साथ कम संसाधनों में भी शत-प्रतिशत परिणाम दिया जा सकता है।”
देश का डाकघर नेटवर्क
पूरे देश में 31 मार्च 2025 तक कुल 1,64,999 डाकघर कार्यरत हैं, जिनमें 1.57 लाख डाकघर वितरण का काम कर रहे हैं। रात्रि कालीन डाकघर यानी नाइट पोस्ट ऑफिस की बात करें तो देश में सिर्फ 130 हैं। दिल्ली में 23 नाइट पोस्ट ऑफिस हैं, जबकि मध्य प्रदेश में केवल 5 संचालित हैं।
सभी सेवाओं में अव्वल: केवल तमिलनाडु और मध्य प्रदेश
देश के टॉप 5 डाकघर वाले राज्यों में केवल तमिलनाडु और मध्य प्रदेश ऐसे बड़े राज्य हैं, जहां सभी डाकघर सभी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जबकि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में अधिकांश डाकघर अभी भी पूरी सेवाएं देने में सक्षम नहीं हैं, मध्य प्रदेश ने 10,275 डाकघरों में 100% सेवाओं के साथ मिसाल कायम की है। यह साबित करता है कि बेहतर मैनेजमेंट और योजना के साथ कम संसाधनों में भी उच्च गुणवत्ता की डाक सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
संख्या में पांचवें, सर्विस में नंबर-1
मध्य प्रदेश डाकघरों की संख्या में देश में 5वें स्थान पर है, लेकिन सर्विस की गुणवत्ता और पूर्ण सेवाओं के मामले में राज्य अव्वल है। हालांकि रात में खुलने वाले डाकघरों के मामले में दिल्ली आगे है। मध्य प्रदेश में सिर्फ 5 नाइट पोस्ट ऑफिस हैं। भविष्य में इन केंद्रों को बढ़ाने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश के 9,986 डाकघर 24x7 चिट्ठी, पत्री और पार्सल वितरण के मिशन में जुटे हुए हैं। डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी, एमपी ने डाक सेवाओं के भरोसे और गुणवत्ता में अपना जलवा कायम रखा है।