मुंबई: Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) ने खाड़ी क्षेत्र में जारी जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण वेस्ट एशिया जाने वाले एक्सपोर्ट कंटेनरों पर राहत देने का फैसला किया है। पोर्ट अथॉरिटी ने बुधवार को एक ट्रेड नोटिस जारी कर बताया कि पोर्ट क्षेत्र में फंसे कंटेनरों के लिए स्टोरेज, ड्वेल टाइम चार्ज और रीफर प्लग-इन चार्ज में छूट दी जाएगी।
यह कदम Ministry of Ports, Shipping and Waterways (MoPSW) के 6 मार्च 2026 को जारी निर्देशों के बाद उठाया गया है। मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट में जियो-पॉलिटिकल गड़बड़ी के असर को कम करने के लिए देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया था।
JNPA ने अपने नोटिस में कहा है कि वह इस संकट की स्थिति में एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (EXIM) समुदाय को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत पोर्ट परिसर में फंसे एक्सपोर्ट कंटेनरों पर ग्राउंड रेंट और रीफर प्लग-इन चार्ज जैसे शुल्क माफ करने का फैसला किया गया है।
टास्क फोर्स का गठन
स्थिति से निपटने के लिए JNPA ने एक टास्क फोर्स भी बनाई है। इसमें जॉइंट DGFT, एडिशनल कमिश्नर ऑफ कस्टम्स, JNPA के CGM (ट्रैफिक) और डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग शामिल हैं।
साथ ही JNPA में CGM (ट्रैफिक) गिरीश थॉमस को ट्रेड से जुड़े सभी समन्वय और संचार के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट नियुक्त किया गया है।
15 दिनों तक मिलेगी 100% छूट
पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार सभी टर्मिनल ऑपरेटर 28 फरवरी 2026 से 14 मार्च 2026 तक टर्मिनल में पड़े कंटेनरों के लिए ग्राउंड रेंट और ड्वेल टाइम चार्ज में 100% की छूट देंगे। यह छूट उन कंटेनरों पर लागू होगी जो 28 फरवरी से टर्मिनल के अंदर हैं या 8 मार्च 2026 सुबह 7 बजे तक गेट-इन हो चुके थे।
इसके अलावा खराब होने वाले सामान से भरे रीफर कंटेनरों के लिए रीफर प्लग-इन चार्ज में 80 प्रतिशत तक की छूट देने का भी फैसला किया गया है।
अतिरिक्त स्टोरेज की व्यवस्था
JNPA ने बताया कि टर्मिनलों को अतिरिक्त कार्गो रखने के लिए अतिरिक्त स्टोरेज एरिया भी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, पोर्ट प्राधिकरण कस्टम अधिकारियों के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट के लिए अन्य बंदरगाहों से आने वाले कंटेनरों को JNPA टर्मिनलों पर अस्थायी ट्रांसशिपमेंट कार्गो के रूप में रखने की व्यवस्था पर भी काम कर रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण जहाजों के शेड्यूल और एक्सपोर्ट कार्गो की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसके चलते पोर्ट अथॉरिटी और व्यापार से जुड़े सभी पक्ष मिलकर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।