खजुराहो. मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक पर्यटन नगर खजुराहो इन दिनों अपने विश्वप्रसिद्ध मंदिरों के कारण नहीं, बल्कि हवाई अड्डे को मिली एक असाधारण उपलब्धि के कारण चर्चा में है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा जारी नवीनतम ग्राहक संतुष्टि सूचकांक में खजुराहो हवाई अड्डे को देश का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित किया गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब यहां नियमित वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन पूरी तरह बंद है। यही विरोधाभास इस सम्मान को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है और विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इसके मूल्यांकन मानकों पर सवाल उठा रहे हैं।
रनवे पर नहीं उतर रहे विमान, फिर कैसे मिला सर्वोच्च स्थान?
एक जुलाई से खजुराहो से दिल्ली और वाराणसी के लिए संचालित नियमित वाणिज्यिक उड़ानें बंद हैं। जुलाई और अगस्त के दौरान हवाई अड्डे पर न तो नियमित यात्री विमान आ रहे हैं और न ही सामान्य यात्री गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद ग्राहक संतुष्टि के आधार पर इसे सर्वोच्च स्थान मिलना कई लोगों को चौंका रहा है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या अत्यंत सीमित हो या नियमित उड़ानें ही उपलब्ध न हों, तो वहां प्राप्त प्रतिक्रियाओं का व्यापक प्रतिनिधित्व कितना प्रभावी माना जा सकता है, इस पर गंभीर विचार आवश्यक है।
33 मानकों पर हुआ मूल्यांकन, सुविधाओं को मिली सर्वाधिक रेटिंग
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का ग्राहक संतुष्टि सूचकांक स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा कराए जाने वाले सर्वेक्षण पर आधारित होता है। इसमें यात्रियों से पार्किंग, स्वच्छता, प्रतीक्षालय, खानपान, शौचालय, वाई-फाई, सुरक्षा व्यवस्था, सूचना प्रणाली, कर्मचारी व्यवहार, सामान प्रबंधन तथा अन्य कुल 33 मानकों पर प्रतिक्रिया ली जाती है। इन्हीं प्रतिक्रियाओं के आधार पर विभिन्न हवाई अड्डों की रैंकिंग तैयार की जाती है। खजुराहो हवाई अड्डे ने इन अधिकांश मानकों पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए, जिसके परिणामस्वरूप उसे देश का सर्वश्रेष्ठ ग्राहक अनुभव प्रदान करने वाला हवाई अड्डा घोषित किया गया।
उड़ान सेवाएं बंद होने से बढ़ी स्थानीय चिंता
खजुराहो पर्यटन की दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाला शहर है। यहां नियमित उड़ानें बंद होने से पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह के अनुसार फिलहाल दिल्ली और वाराणसी मार्ग पर कोई वाणिज्यिक उड़ान संचालित नहीं हो रही है, हालांकि अक्टूबर से सेवाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। उड़ानें बंद होने के कारणों का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सर्वेक्षण प्रणाली की पारदर्शिता पर उठने लगे प्रश्न
विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि ग्राहक संतुष्टि किसी भी हवाई अड्डे की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना है, लेकिन यदि मूल्यांकन ऐसे समय में किया जाए जब यात्री संख्या अत्यंत कम हो, तो परिणामों की व्याख्या सावधानीपूर्वक की जानी चाहिए। कई विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में ऐसे सर्वेक्षणों में यात्रियों की वास्तविक संख्या, उड़ानों की आवृत्ति, परिचालन क्षमता और सेवा उपलब्धता जैसे संकेतकों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि रैंकिंग अधिक संतुलित और यथार्थपरक बन सके।
सम्मान के साथ बहस भी हुई तेज
खजुराहो हवाई अड्डे को मिला यह सम्मान निश्चित रूप से उसकी आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता और सेवा गुणवत्ता का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, नियमित उड़ानों के अभाव में देश का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित होने की स्थिति ने मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता और उसके व्यावहारिक पक्ष पर नई बहस को जन्म दिया है। आने वाले समय में यदि उड़ान सेवाएं पुनः शुरू होती हैं और यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह हवाई अड्डा वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में भी अपनी उत्कृष्ट रैंकिंग को बरकरार रख पाता है या नहीं।