एयर मार्शल नागेश कपूर ने 1 जनवरी 2026 से भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले कपूर देश की वायुसुरक्षा रणनीति के बड़े स्तंभ माने जाते हैं।इससे पहले वह गांधीनगर स्थित साउथ वेस्टर्न एयर कमांड (SWAC) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे। उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और ऑपरेशनल समझ को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका
एयर मार्शल कपूर को इस वर्ष की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके साहसिक नेतृत्व और रणनीतिक कमान के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। मई 2025 के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के कई एयरबेस पर की गई सटीक कार्रवाई में उनकी भूमिका निर्णायक रही, जिसने दुश्मन की क्षमता को गहरा नुकसान पहुँचाया।
सैन्य शिक्षा और उड़ान अनुभव में बेमिसाल
एयर मार्शल नागेश कपूर वर्ष 1986 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के गौरवशाली पूर्व छात्र हैं। एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर के रूप में उनके पास 3400 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है, जो उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है।
नेतृत्व और रणनीतिक पदों पर दे चुके हैं सेवाएँ
अपने पेशेवर सफर के दौरान एयर मार्शल कपूर ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और फील्ड नियुक्तियों पर कार्य किया है। उन्होंने सेंट्रल सेक्टर में फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, प्रमुख एयरबेस के एयर ऑफिसर और वेस्टर्न सेक्टर के फ्लाइंग बेस पर स्टेशन कमांडर के रूप में सेवाएँ दी हैं। उनके नेतृत्व को भारतीय वायुसेना की कार्यकुशलता और तैयारी को मजबूत करने वाला माना जाता है।
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