कश्मीर - जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल किए जाने के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। अनंतनाग में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने का फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार इस मांग को उठा रही है और इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन भी किया गया था।
"फैसला केंद्र सरकार को लेना है"
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। उनके अनुसार, अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर ही लिया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने इस दौरान यह भी दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर की जनता लंबे समय से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग कर रही है।
विपक्ष के बयान पर दिया जवाब
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर को न तो राज्य का दर्जा मिलेगा और न ही अनुच्छेद 370 की बहाली होगी। इस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सुनील शर्मा प्रतिदिन कई तरह के बयान देते हैं और उनके हर बयान पर प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं है।
सुनील शर्मा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष के नेता पर तंज कसते हुए कहा कि जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल होगा, तब इसकी जानकारी सबसे पहले सुनील शर्मा को अखबारों के माध्यम से मिलेगी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन राज्य के दर्जे का फैसला केंद्र सरकार को ही करना है।
राज्य के दर्जे की मांग लगातार जारी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य का पुनर्गठन कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार उठती रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई राजनीतिक दल इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मांग को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी और राज्य के अधिकारों की बहाली के लिए राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।