नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर देशभर में शहीदों और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस अवसर पर सुरक्षा बलों ने न केवल उन दुखद घटनाओं को याद किया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को भी और मजबूत किया।
भारतीय सेना का स्पष्ट और कड़ा रुख
भारतीय सेना ने इस मौके पर अपने आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया कि देश के खिलाफ किसी भी प्रकार की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेना ने दो टूक कहा कि भारत के खिलाफ उठाए गए हर कदम का जवाब निश्चित और प्रभावी होगा। यह संदेश आतंकवादियों और उनके समर्थकों के लिए सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
‘न्याय जरूर मिलेगा’ का दोहराया संकल्प
सेना के जनसंपर्क विभाग ADG PI ने अपने संदेश में कहा कि जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब भी उतना ही सख्त होता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि न्याय जरूर मिलेगा और हर कीमत पर मिलेगा। इस बयान ने देश की आतंकवाद के खिलाफ अडिग नीति को फिर से स्पष्ट कर दिया है।
आतंकवाद विरोधी अभियानों का जारी रहना
पिछले वर्ष की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सेना ने यह भी बताया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। ‘ऑपरेशन महादेव’ जैसे अभियानों के साथ-साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी अभी चल रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन अभियानों के जरिए आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
पहलगाम हमले की भयावह यादें
पिछले साल हुए इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने एक गांव में घुसकर लक्षित हमला किया था। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। यह घटना न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी पीड़ा का कारण बनी थी, जिसकी स्मृति आज भी लोगों के मन में ताजा है।
देश की एकजुटता का संदेश
सेना के इस बयान ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट खड़ा है। इस एकता और दृढ़ संकल्प के बल पर ही देश किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। पहलगाम हमले की बरसी पर दिया गया यह संदेश न केवल चेतावनी है, बल्कि देश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक भी है।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी
भारतीय सेना ने यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक देश पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता। इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।