नई दिल्ली. कच्चे तेल का रेट नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है। मौजूदा समय में क्रूड ऑयल का दाम इंटरनेशनल मार्केट में 90 डॉलर प्रति बैरल के पार ही बना हुआ है। जिसकी वजह से भारत जैसे देश जो आयात पर निर्भर हैं उनके सामने नई मुसीबत खड़ी है। कच्चे तेल की अधिक कीमतों के बाद भी घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल का रेट आज नहीं बढ़ाया गया है। तेल कंपनियों की तरफ से हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट का ऐलान होता है। आज भी कीमतें पूर्ववत बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है।
मई के बाद रुकी बढ़ोतरी
2022 के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस साल मई के महीने में इजाफा हुआ था। तेल कंपनियों ने एक के बाद एक चार बार बढ़ोतरी की थी। इस साल अब तक पेट्रोल और डीजल का रेट 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। मई के बाद से दाम स्थिर हैं और आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया। यह स्थिरता उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। तेल कंपनियां मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। 90 डॉलर प्रति बैरल के पार का रेट भारत जैसे आयात निर्भर देशों के लिए चुनौती पैदा कर रहा है। इसके बावजूद घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय रुझान और घरेलू मांग दोनों पर नजर रख रही हैं। अगर कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहे तो आगे दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल कंपनियों ने आज के लिए रेट अपरिवर्तित रखे हैं। यह फैसला उपभोक्ताओं के हित में लिया गया लगता है।
दिवाली तक बढ़ोतरी की संभावना कम
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। खासकर दिवाली तक पेट्रोल और डीजल के दाम में शायद ही तेल कंपनियां कोई इजाफा करें। त्योहारी सीजन में कीमतें स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अगर कच्चे तेल का रेट फिर से पुराने स्तर पर नहीं आए तो फिर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ेगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। कंपनियां प्रतीक्षा की रणनीति अपनाए हुए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए राहत और आगे की निगरानी
आज के रेट में कोई इजाफा न होने से आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। मई के बाद से चली आ रही स्थिरता जारी है। तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे रेट का ऐलान करती हैं इसलिए रोजाना अपडेट चेक करना जरूरी है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर और राहत मिल सकती है। वहीं ऊंचे स्तर पर बने रहने पर दबाव बढ़ेगा। सरकार और कंपनियां दोनों स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। त्योहारी सीजन में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश जारी रहेगी।