असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को असम का दौरा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना राज्य के आधारभूत ढांचे को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैबिनेट का आभार और केंद्र सरकार की स्वीकृति
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बताया कि असम मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को 34.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया है। यह कॉरिडोर काजीरंगा जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र में आधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगा, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित हुए बिना यातायात सुगम हो सकेगा।
गुवाहाटी में सांस्कृतिक भव्यता का साक्षी बनेंगे पीएम
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री 17 जनवरी को असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचेंगे। यहां वे अर्जुन भोगेश्वर बरुआ खेल परिसर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस आयोजन की विशेष बात यह होगी कि लगभग 10,000 बागुरुम्बा नर्तक एक साथ पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देंगे, जो असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगा।
रेल कनेक्टिविटी को भी मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी 18 जनवरी को असम की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। वे वर्चुअल माध्यम से दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे—एक ट्रेन डिब्रूगढ़ से गोमती तक और दूसरी गुवाहाटी से रावता तक संचालित होगी। इससे राज्य के दूरदराज़ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कालीबार में जनसभा और विकास का संदेश
अपने दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री कालीबार में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस जनसभा में प्रधानमंत्री केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और पूर्वोत्तर के समग्र विकास को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। यह सभा असम के विकास रोडमैप को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
एलिवेटेड कॉरिडोर से बदलेगी यातायात तस्वीर
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने से जोरहाट से गुवाहाटी की दूरी कम हो जाएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित तथा समयबद्ध बनेगी। साथ ही, यह परियोजना काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का उदाहरण बनेगी।
Comments (0)