नई दिल्ली | पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा में पुलिस बल के योगदान, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक सहित कई नेताओं ने वीर जवानों को नमन किया।
नितिन गडकरी ने वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान को किया नमन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुलिस स्मृति दिवस पर वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “देश की आंतरिक सुरक्षा और रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ पर नमन। जय हिंद!”
योगी आदित्यनाथ ने बताया आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाले जवानों का शौर्य पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा है। योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि वीर पुलिसकर्मियों की कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका बलिदान राष्ट्र सेवा के मार्ग को हमेशा आलोकित करता रहेगा।
रेखा गुप्ता ने पुलिसकर्मियों के परिवारों के त्याग को भी किया याद
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुलिस स्मृति दिवस पर देश की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। रेखा गुप्ता ने वीर जवानों के परिवारों के धैर्य, साहस और त्याग को भी नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देश इन परिवारों के योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।
भजनलाल शर्मा ने पुलिस बल के समर्पण को सराहा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस स्मृति दिवस पर देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति और जनसेवा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों का अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान राष्ट्र को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने वीर जवानों के त्याग और समर्पण को नमन किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने कानून-व्यवस्था में योगदान को किया याद
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुलिस स्मृति दिवस पर अमर बलिदानी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों का शौर्य सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
ब्रजेश पाठक ने वीर जवानों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी पुलिस स्मृति दिवस पर अपने संदेश के जरिए वीर पुलिसकर्मियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मी श्रद्धा और सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने बलिदानी जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
हर्ष संघवी ने पुलिस बल की भूमिका को बताया अतुलनीय
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस बल के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि जन-जन की सुरक्षा से लेकर राष्ट्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने तक पुलिसकर्मियों का समर्पण अतुलनीय है। उन्होंने पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
पुलिस स्मृति दिवस क्यों है महत्वपूर्ण?
पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है। यह दिन उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ पुलिस बल के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। देशभर में इस अवसर पर वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया जाता है और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। नेताओं के संदेशों में भी यही भावना प्रमुख रही कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।