कोलकाता - कोलकाता में आयोजित सागर संकल्प मैरीटाइम कॉन्कलेव में उपस्थित भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोरदार बयान देते हुए कहा कि भारत की तीनों सेनाएं ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा में लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को भारत की क्षमता को कम आंकने की कोई कोशिश नहीं करनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने डिफेंस उत्पादन से जुड़े आंकड़े साझा किए
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में डिफेंस उत्पादन और निर्यात से जुड़े आंकड़े साझा किए। भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता ने कहा कि, मेक इन इंडिया के तहत बने हथियारों का उत्पादन 1.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर चुका है, जबकि भारत का रक्षा निर्यात भी 24,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है।
राजनाथ सिंह के 7 प्रमुख प्वाइंट
1. आत्मनिर्भरता केवल स्लोगन नहीं - बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता अब केवल स्लोगन नहीं रही बल्कि व्यावहारिक वास्तविकता बन चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत सभी लक्ष्यों को पूरा करेगा और आगे बढ़ेगा।
2. भारतीय नौसेना का आत्मनिर्भर निर्माण - उन्होंने कहा कि भारत की नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां अब पूरी तरह भारतीय शिपयार्ड्स में निर्मित हो रही हैं। डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण और लाइफसाइकल सपोर्ट तक की पूरी क्षमता विकसित की जा रही है। GRSE के पीछे हजारों MSMEs, स्टार्टअप्स और स्वदेशी वेंडर्स एक विशाल सप्लाई चेन का हिस्सा हैं।
3. नीतियों और उद्योग को भरोसा - रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने कई पहल और सुधार किए हैं, जैसे कि FDI नियमों का लिबरलाइजेशन, PPP मॉडल का बढ़ावा और लॉन्ग-टर्म फंडिंग के लिए डेडिकेटेड मैकेनिज्म। उनका मानना है कि शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री को भरोसा देना जरूरी है।
4. मैरिटाइम विजन 2030 और अमृत काल 2047- राजनाथ सिंह ने बताया कि वर्ल्ड-क्लास शिपबिल्डिंग क्लस्टर्स के लिए लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्लान तैयार किया गया है। 2030 तक भारत को टॉप 10 शिपबिल्डिंग नेशंस और 2047 तक टॉप 5 में लाने का लक्ष्य है।
5. सपना बड़ा, लेकिन असंभव नहीं - राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सिर्फ सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री, वर्कफोर्स और पॉलिसी सिस्टम सभी की जिम्मेदारी है।
6. सागर में अवसर और चुनौती - उन्होंने कहा कि सागर यानी समुद्र, भारत के लिए अवसर और चुनौती दोनों है। अगर कोऑर्डिनेटेड प्लानिंग, टेक्नोलॉजी और संस्थागत सहयोग के साथ आगे बढ़ा जाए, तो भारत का मैरिटाइम डोमेन सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त होगा।
7. सशक्त रक्षा और आत्मनिर्भरता का संकेत - ऑपरेशन सिंदूर जैसी नौसेना अभियानों की सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से उठाए गए कदम संकेत देते हैं कि भारत का रक्षा क्षेत्र सही दिशा में अग्रसर है।
राजनाथ सिंह के इस बयान से स्पष्ट हुआ कि भारत न केवल आत्मनिर्भर बनने की राह पर है, बल्कि वैश्विक शिपबिल्डिंग और रक्षा निर्यात में भी अग्रणी भूमिका निभाने का लक्ष्य रखता है। उनके भाषण में इंडस्ट्री और नीति निर्धारकों के बीच सहयोग की अहमियत को भी दोहराया गया।
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