मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले चार कारोबारी दिनों में बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इन चार दिनों के भीतर करीब 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बाजार पूंजी साफ हो गई है।
बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई
बीते शुक्रवार को भी बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स लगभग 1100 अंक गिरकर 79,000 के नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 315 अंक टूटकर 24,450 के आसपास बंद हुआ। आपको बता दें कि, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव, खासकर ईरान-इजरायल युद्ध, माना जा रहा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।ॉॉ
बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है
बैंकिंग और बड़े लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कई बड़ी कंपनियों के शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गए हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अवसर भी बन सकती है। अगर आने वाले समय में वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।
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